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UP BJP कार्यसमिति में तय कर दी भविष्य की भूमिका

मेरठ। मेरठ में शनिवार को शुरू हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ने भविष्य की भूमिका तय कर दी। यह साफ संकेत मिल गया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में दलित और पिछड़े एजेंडे के साथ पार्टी विकास और हिन्दुत्व की लहर चलाएगी। यहीं कार्यकर्ता सम्मान का पूर्वाभ्यास शुरू हो गया।UP BJP कार्यसमिति में तय कर दी भविष्य की भूमिका

भाजपा ने रात बैठक स्थल पर ही 700 कार्यकर्ताओं का सहभोज आयोजित किया। यह सहभोज वाराणसी में मोदी के टिफिन भोज की तर्ज पर हुआ। साढ़े तीन सौ स्थानीय कार्यकर्ता घरों से टिफिन लेकर आये। केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री से लेकर सांसद और विधायकों को कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग टेबल पर भोजन का मौका मिला। इससे कार्यकर्ताओं का महत्व बढ़ा। भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाने के लिए यह भूमिका बनाई थी। अब यह सिलसिला आगे बढ़ेगा और बूथों तक इसका असर देखने को मिलेगा।

चरण सिंह के सहारे जाटों को प्रभावित करने की पहल 

राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को उनके ही दांव से भाजपा ने शिकस्त देने की पहल की है। रालोद मुखिया अजित सिंह के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का पश्चिम के किसानों और जाटों में अभी भी प्रभाव है।

कार्यसमिति के सभागार से लेकर कई जगह चौधरी चरण सिंह का कटआउट और पोस्टर दिखा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने भी चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा बताते हुए उनका मान बढ़ाया। भाजपा ने अपने इस दांव से पहले ही दिन रालोद खेमे की बेचैनी भी बढ़ा दी।

दलित उप जातियों को सहेजने पर जोर 

भाजपा के लिए दलित एजेंडा तो सबसे प्रमुख है। बसपा के लिए जाटव एक बड़ा वोट बैंक है लेकिन, भाजपा गैर जाटवों को साधने में 2014 से ही सक्रिय है। अब नये सिरे से बूथ इकाई से लेकर प्रदेश के हर कोने में दलितों की सभी उप जातियों को सहेजने की कवायद शुरू है।

प्रथम स्वाधीनता संग्राम के सिपाही मातादीन बाल्मिकी के नाम पर बने परिसर में कार्यसमिति आयोजित कर भाजपा ने इसी अभियान को बल दिया। प्रथम स्वाधीनता संग्राम में मंगल पांडेय की क्रांति को विस्तार देने वाले मातादीन बाल्मिकी को लेकर कई किस्से प्रचलित हैं लेकिन, पश्चिमी उप्र में प्रभावी बाल्मीकि समाज उन्हें अपना गौरव मानता है। 

नहीं दिखे माथुर, भूपेंद्र यादव को तरजीह 

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उप्र के प्रभारी ओमप्रकाश माथुर इस बार कार्यसमिति में नहीं दिखे। कानपुर में हुई पिछली कार्यसमिति की बैठक में वह आये थे लेकिन, इस बार उनकी अनुपस्थिति से नये समीकरण उभरे। इस बार भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान जिले से आने वाले भूपेंद्र यादव को खास तरजीह मिली। संकेत मिल रहे हैं कि भूपेंद्र यादव ही उप्र के प्रभारी होंगे।

भूपेंद्र यादव के जरिये भाजपा यादव बिरादरी में अपनी पकड़ मजबूत करेगी। वैसे भी पार्टी में यादवों को पिछले एक वर्ष में राज्यसभा से लेकर संगठन तक खूब महत्व मिला है। यूं तो उप मुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य उप्र में पिछड़ों के बड़े चेहरे के रूप में स्थापित हैं लेकिन, कार्यसमिति के मंच पर उनके साथ ही उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्र, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, विनय कटियार, डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी और राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन को बिठाकर भाजपा ने सर्वसमाज का गुलदस्ता सजाया। उद्घाटन सत्र में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी मौजूद थे। उद्घाटन सत्र का संचालन प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई ने किया जबकि प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक और क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्विनी त्यागी की सक्रिय भूमिका रही। 

पब्लिक सब जानती है 

चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे, महापुरुष थे। उनका यशगान हम सबके लिए गौरव की बात है लेकिन, भाजपा की मंशा क्या है, इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है। सबको सब कुछ मालूम है। पब्लिक सब जानती है। 

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