CM शिवराज की कैबिनेट बैठक में हुआ बड़ा फैसला: पुलिस भर्ती में महिला अभ्यर्थियों को ऊंचाई में मिलेगी 3 सें.मी. की छूट

- in मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में होने वाली पुलिस भर्ती में महिला अभ्यर्थियों को ऊंचाई में तीन सेंटीमीटर की छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिला अभ्यर्थियों के लिए जरूरी ऊंचाई सीमा 158 सेंटीमीटर से घटाकर 155 सेंटीमीटर करने का फैसला किया है। महिला सब इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए ऊंचाई में पहले ही छूट है। उनके लिए भर्ती नियमों में ऊंचाई का तय मापदंड 152.4 सेंटीमीटर है।

इस लिहाज से पुलिस में महिला सिपाही को ऊंचाई में तीन सेंटीमीटर की छूट दी गई है, यह सब इंस्पेक्टर की ऊंचाई की तुलना में अभी भी 2.6 सेंटीमीटर अधिक है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव का कहना है कि यह फैसला आदेश जारी होने की तारीख से लागू होगा। यह पहले हुई किसी भी भर्ती पर प्रभावी नहीं होगा।

कैबिनेट ने वकील सुरक्षा विधेयक को भी मंजूरी दी है। इसे लागू करने का सरकार अध्यादेश लाएगी। वकील सुरक्षा विधेयक प्रभावी होने पर वकीलों को अपना काम करने के दौरान डराने या प्रभावित करने वाले को एक से लेकर सात साल तक की सजा हो सकेगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती में महिला अभ्यर्थियों को ऊंचाई में छूट देने की घोषणा की थी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रावधान एएसआई और प्रधान आरक्षक कम्प्यूटर पर भी लागू होंगे।

इसी तरह वकीलों को अपना काम करने में कोई परेशान न करे, इसके लिए अधिवक्ता सुरक्षा विधेयक लाने की भी मंजूरी दी गई है। इसमें प्रावधान किया गया है कि प्रकरण को प्रभावित करने की गरज से यदि वकील को डराया जाता है, साक्ष्य मांगे जाते हैं या उसके ऊपर हमला किया जाता है तो एक से सात साल तक की सजा होगी।

इसके साथ ही दस हजार रुपए का जुर्माना भी किया जाएगा। डॉ. मिश्रा ने इसे देश में वकीलों की सुरक्षा के लिए लागू होने वाला पहला कानून बताया है। बैठक में सड़क विकास निगम को राजमार्ग निधि के आधार पर कर्ज लेने की अनुमति भी दी गई। निधि में अगले दस साल तक 60-60 करोड़ रुपए जमा होंगे। इसके आधार पर निगम 400 करोड़ रुपए का कर्ज लेगा।

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति पिछड़ा वर्ग के 10 की जगह 50 छात्रों को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना में डिफाल्टर किसानों द्वारा बकाया मूलधन की पचास फीसदी राशि लौटाने पर अब सामग्री के साथ नकद कर्ज भी मिलेगा। शून्य प्रतिशत पर ब्याज पर कर्ज जमा करने की तारीख 15 जून से बढ़ाकर 30 जून करने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी गई है।

ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में टर्सरी कैंसर केयर सेंटर खोलने, मानसिक आरोग्यशाला ग्वालियर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना को निरंतर रखने और जबलपुर मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जरी विभाग के लिए 75 पद के साथ सुविधाएं बढ़ाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

अभी एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर लग सकता है 2 से 3 महीने का समय

विधि एवं विधायी कार्य मंत्री रामपाल सिंह का कहना है कि अभी विधानसभा का कोई सत्र प्रस्तावित नहीं है। इसलिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट अध्यादेश जारी कर ही लागू करवाया जा सकता है। इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भी भेजना होगा, वहां से मंजूरी के बाद ही राज्यपाल अध्यादेश जारी करेंगी। इसमें दो से तीन महीने लग सकते हैं।

सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का तरीका

कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट अध्यादेश सिर्फ विशेष हालात या परिस्थितियों में ही लागू कराया जा सकता है। दो महीने बाद चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में सरकार जो काम 15 साल से नहीं कर पाई, उसे तत्काल क्यों लागू करवाना चाहती है। यह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का तरीका है।

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