ICC World Cup 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ MSधोनी, ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक को प्लेइंग इलेवन में हुए शामिल

 भारतीय टीम ने आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप (ICC World Cup 2019) में बांग्लादेश के खिलाफ उतरने के साथ ही रिकॉर्ड बना दिया है. भारत ने इस मैच के लिए अपनी प्लेइंग XI दिनेश कार्तिक को शामिल किया है. भारत के पिछले मुकाबले में एमएस धोनी और ऋषभ पंत प्लेइंग इलेवन शामिल थे. ये दोनों बांग्लादेश के खिलाफ भी खेल रहे हैं. इस तरह बांग्लादेश के खिलाफ उतरी भारतीय टीम में तीन स्पेशलिस्ट विकेटकीपर हैं. इतना ही नहीं, टीम में केएल राहुल भी हैं, जो घरेलू मैचों में विकेटकीपिंग करते रहे हैं. यानी, भारत इस मैच में चार विकेटकीपर के साथ खेल रहा है.

यह पहला मौका है जब भारतीय टीम किसी मैच में तीन स्पेशलिस्ट विकेटकीपरों के साथ उतरी है. जबकि, उसी मैच में टीम में एक ऐसा खिलाड़ी (केएल राहुल) भी है, जो विकेटकीपिंग करता रहा है. केएल राहुल आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में खेलते हैं और वे विकेटकीपिंग भी करते रहे हैं. जब इस विश्व कप के लिए टीम का चयन हो रहा था, तब कई पूर्व क्रिकेटरों का यह भी कहना था कि भारत को टीम में दो स्पेशलिस्ट विकेटकीपर नहीं चुनने चाहिए क्योंकि केएल राहुल जरूरत पड़ने पर यह भूमिका निभा सकते हैं.

वैसे यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय टीम विश्व कप में दो स्पेशलिस्ट विकेटकीपरों के साथ मैदान पर उतरी है. इससे पहले 1987 के विश्व कप में कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम दो विकेटकीपरों किरण मोरे और चंद्रकांत पंडित के साथ खेली थी. इंटरनेशनल मैचों में कई बार धोनी और दिनेश कार्तिक साथ खेल चुके हैं. जबकि, इसी विश्व कप के पिछले ही मैच में धोनी और ऋषभ पंत खेले हैं. बता दें कि यह दिनेश कार्तिक का विश्व कप में पहला मैच भी है.

इंग्लैंड भी खेल चुका है 3 विकेटकीपर के साथ
ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारत ही तीन विकेटकीपर के साथ खेल रहा है. इसी साल जनवरी में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में तीन स्पेशलिस्ट विकेटकीपर उतारे थे. उस मैच में जॉनी बेयरस्टो और जोस बटलर के साथ बेन फोक्स खेले थे.

लेकिन यह टीम इंडिया की मजबूरी है 
क्या भारत चार विकेटकीपरों के साथ किसी स्ट्रेटजी के साथ उतरा है? इसका जवाब ना है. दरअसल, यह भारत की मजबूरी है. केदार जाधव इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में अच्छा नहीं खेल सके थे. हालांकि, ऐसा नहीं कि वे फॉर्म में नहीं हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने अच्छी पारी भी खेली थी. लेकिन शायद टीम प्रबंधन उन्हें इस मैच में बाहर कर यह संदेश देना चाहता है कि जीत के प्रति किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करना चाहती. बांग्लादेश के खिलाफ जो प्लेइंग इलेवन उतरी है, इसमें अगले मैचों में जरूर बदलाव होगा.

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