नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने शुक्रवार को एक बार फिर अल जजीरा नेटवर्क से अपील की कि वह भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों से जुड़े टेस्ट मैचों में कथित स्पॉट फिक्सिंग और पिच फिक्सिंग के अपने स्टिंग ऑपरेशन की असंपादित फुटेज मुहैया कराए. आईसीसी ने असंपादित फुटेज की मांग की है और महाप्रबंधक (एसीयू) एलेक्स मार्शल ने कहा कि अल जजीरा सहयोग नहीं कर रहा है , जिस बात को रिचर्डसन ने आज दोहराया.

रिचर्डसन ने बयान में कहा, ‘‘मैंने अल जजीरा से कहा कि वे क्रिकेट में भ्रष्टाचार से जुड़ी जो भी सामग्री उनके पास है उसे हमें मुहैया कराएं. हम पूर्ण, विस्तृत और निष्पक्ष जांच करेंगे और सुनिश्चत करेंगे कि कार्यक्रम के दौरान भ्रष्टाचार के सभी आरोपों की जांच के दौरान कोई कसर नहीं छोड़ी जाए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा करने के लिए हमें वो सभी साक्ष्य देखने की जरूरत है जो वे कह रहे हैं कि उनके पास हैं.’’ अल जजीरा असंपादित फुटेज साझा करने का इच्छुक नहीं है क्योंकि उसका दावा है कि इससे उसके सूत्र का खुलासा होगा. रिचर्डसन ने कतर स्थित इस नेटवर्क को आश्वासन दिया कि उनके सूत्र का बचाव किया जाएगा.

रिचर्डसन ने कहा, ‘‘सहयोग करने की उनकी सार्वजनिक प्रतिबद्धता से मेरा हौसला बढ़ा है और अब उनसे कहता हूं कि सभी संबंधित सामग्री जारी करें. हम पत्रकारिता सूत्रों का बचाव करने की जरूरत को समझते हैं और उसका पूरा सम्मान करते हैं और हमारी एसीयू टीम ने अन्य मीडिया कंपनियों के साथ इस आधार पर काम किया है. हालांकि इन आरोपों को साबित करने या नकारने के लिए हमें कार्यक्रम में दिखाए साक्ष्य को देखने की जरूरत है.’’

अल जजीरा ने एक डाक्यूमेंट्री दिखाई थी जिसमें दाऊद इब्राहिम के गैंग के एक कथित सदस्य अनील मुन्नवर को अंडरकवर रिपोर्टर से पिच और नतीजे फिक्स करने की बात करते हुए दिखाया गया था. पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर हसन राजा और मुंबई के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रोबिन मौरिस को भी फिक्सिंग के बारे में बात करते हुए दिखाया गया था. भारत से जुड़े जो तीन टेस्ट मैच इस स्टिंग के दायरे में आए वह श्रीलंका के खिलाफ गॉल , इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची में खेले गए.

आईसीसी की मौजूदा जांच को देखते हुए चैनल ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटरों के नामों के दौरान ‘बीप’ की आवाज सुनाई. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड दोनों ने हालांकि अपने खिलाड़ियों का पूर्ण समर्थन किया है और भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया है.