दिल्ली में भूख से बच्चियों की हुई मौत, सोशल मीडिया में लोगों ने कोसा केजरीवाल सरकार को

नई दिल्ली। दिल्ली के मंडावली इलाके में भूख से तीन बच्चियों की मौत का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूटा। फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप पर लोगों ने पोस्ट कर सरकार और नेताओं के खिलाफ गुस्से का इजहार किया। सोशल मीडिया यूजर्स सीधे तौर पर कह रहे हैं कि योजनाएं गरीबों के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन लाभ उन तक नहीं पहुंचता है।दिल्ली में भूख से बच्चियों की हुई मौत, सोशल मीडिया में लोगों ने कोसा केजरीवाल सरकार को

फेसबुक पर एक यूजर ने लिखा कि दिल्ली सरकार अपनी छाती पीट-पीटकर कहती है कि वह गरीबों के साथ है, लेकिन गरीबों के लिए आम आदमी कैंटीन योजना की जब बात आती है तो सरकार के मुंह पर ताला लग जाता है। एक यूजर ने लिखा, साहब यही हैं अच्छे दिन। भूख-भूख करते-करते तीन बच्चियां भगवान को प्यारी हो गईं। एक यूजर ने प्रधानमंत्री को ट्विट करके कहा कि रेडियो पर तो आप मन की बात करते हैं, कभी गरीब परिवारों के मन की बात भी सुन लिया करें।

छत छिनी तो बारिश में भीगीं बच्चियां

बच्चियों के पिता पश्चिम बंगाल निवासी मंगल सिंह की उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद निवासी नारायण यादव से तीस साल से प्रगाढ़ दोस्ती है। नारायण ने बताया कि प्रीत विहार में बदमाशों ने शुक्रवार को पिटाई करने और नशीला पदार्थ सुंघाने के बाद मंगल का रिक्शा छीन लिया था। मंगल उसी हालत में रिक्शा मालिक के बेटे (मकान मालिक) के पास पहुंचे तो उसने भी मंगल की पिटाई की। शनिवार को किराए वाला कमरा खाली करवा दिया। बच्चे बारिश में भीग रहे थे और घर का सामान गली में पड़ा था।

जानकारी मिलते ही नारायण सभी को अपने घर ले आए, लेकिन डर था कि अगर यह बात उनके मकान मालिक को पता चल गई तो कमरा खाली करवा लेगा। इसलिए दरवाजा बंद रखते थे। मंगल का परिवार सिर्फ शौचालय जाने के लिए बाहर निकलता था। ऐसे में वहां रह रहे अन्य लोगों को भी नहीं पता था कि नारायण के कमरे में कौन रह रहे हैं। मंगलवार को जब बच्चियों की तबीयत ज्यादा खराब हुई, तब उन्होंने मकान मालिक को बताया। शनिवार को बारिश में भीगने के कारण बच्चियां बीमार थीं। उन्हें उल्टी-दस्त हो रहे थे। उन्होंने मंगल से इलाज कराने के लिए कहा, लेकिन वह यही कहते रह गए कि बच्चियां खुद ठीक हो जाएंगी। बच्चियों की मौत वाले दिन भी उन्होंने बच्चियों को अस्पताल ले जाने के लिए कहा था। नारायण का कहना है कि दो बच्चियां शिखा और पारुल कुपोषण की शिकार थीं और ठीक से खाना नहीं खा पाती थीं।

ऐसे हुई थी दोस्ती

तीस साल पहले आइटीओ स्थित लाला राम गुप्ता के होटल में वेटर की नौकरी करते समय मंगल और नारायण की दोस्ती हुई थी। कुछ समय बाद मंगल पश्चिम बंगाल चले गए, लेकिन नारायण के संपर्क में रहे। 12 वर्ष पहले मंगल शादी करके पत्नी के साथ दिल्ली आए तो रहने की जगह नहीं मिल रही थी। नारायण ने मंडावली में कमरा दिलाया था। तब से मंगल ने कई कमरे बदले। इस बीच एक बार भी पश्चिम बंगाल नहीं गए। नारायण ने बताया कि उन्होंने शादी नहीं की है। वह मंगल के बच्चों को अपने बच्चे की तरह ही प्यार करते थे।

मनोज तिवारी पीड़ित के घर पहुंचे, उपमुख्यमंत्री नहीं

पीड़ित परिवार के घर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, सांसद महेश गिरी, महापौर बिपिन बिहारी सिंह पहुंचे, लेकिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया नहीं पहुंचे। भाजपा नेताओं ने पार्टी की ओर से परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। वहीं लोगों का कहना है कि भाजपा नेताओं को उन रास्तों से लाया गया, जहां न तो जलभराव था न ही गंदगी, जबकि पीड़ित परिवार के घर के पास गंदगी का अंबार है। नेताओं के आगमन की सूचना पर निगमकर्मियों ने बारिश के बीच संभावित रास्तों पर सफाई की। इसके बावजूद लोगों ने बदहाल सफाई को लेकर पार्षद व सांसद के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पीड़ित परिवार से उनके घर के बजाए पूर्वी दिल्ली के शास्त्री नगर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में मिले। उन्होंने पुलिस और जिलाधिकारी के. महेश को बच्ची के पिता को ढूंढ़ने के आदेश दिए। साथ ही परिवार के राशन कार्ड के बारे में भी जानकारी जुटाकर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

पीड़ित मां से मिले अजय माकन

पीड़ित परिवार के घर आकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने बच्चियों की मां वीणा देवी से मुलाकात की। 1इसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि दिल्ली सरकार ने इस परिवार को राशन कार्ड बनाकर दिया होता तो परिवार को राशन मिलता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह घटना उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र में हुई, लेकिन सिसोदिया पीड़ित परिवार से मिले तक नहीं। कांग्रेस इस घटना के खिलाफ 27 और 28 जुलाई को दिल्ली के सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालेगी। अजय माकन के साथ ही दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डा. ऐके वालिया, अर¨वदर सिंह लवली, पूर्व विधायक चौधरी अनिल कुमार ने भी वीणा देवी से मुलाकात की।

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