हुड्डा और सैलजा को मिल सकती है हरियाणा कांग्रेस की कमान, राजनीतिक कयास जारी

- in हरियाणा

नई दिल्ली/चंडीगढ़। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुलाकात के बाद अब प्रदेश कांग्रेस की कमान किसके हाथ में होगी, इसके राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) अशोक गहलोत भी राहुल-हुड्डा की मुलाकात के दौरान मौजूद थे। चचा्र है कि हरियाणा कांग्रेस की कमान भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा को दी जा सकती है। एेसे में हाईकमान मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर को राष्ट्रीय राजनीति की जिम्मेदारी दे सकता है।हुड्डा और सैलजा को मिल सकती है हरियाणा कांग्रेस की कमान, राजनीतिक कयास जारी

राज्‍य में पार्टी नेतृ‍त्‍व में बदलाव से अनुसूचित जाति वर्ग में कोई प्रतिकूल संदेश न जाए, इसलिए कुमारी सैलजा को राज्‍य में पार्टी का नेतृत्‍व देने पर विचार हो रहा है। हुड्डा किसी भी हालत में अशोक तंवर के साथ काम करना नहीं चाहते। इसके साथ ही कुलदीप बिश्‍नोई सहित कई नेताआें के नाम पर भी विचार किए जाने के संकेत हैं।

इन नेताओं का हो सकता है समायोजन

हुड्डा के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा सहित पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के पुत्र कुलदीप बिश्नोई, ब्राह्मण नेता के रूप में कुलदीप शर्मा, पिछड़े वर्ग के नेता के रूप में कैप्टन अजय यादव, पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह और पंजाबी वर्ग के किसी एक कद्दावर नेता का समायोजन हो सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाईकमान प्रदेश में चुनाव प्रचार अभियान समिति के संयोजक, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के तीन पदों के अलावा भी दो-तीन कार्यकारी अध्यक्ष पद भी सृजित कर सकता है। हुड्डा खेमा प्रदेश अध्यक्ष पद चाहता है, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी यह जिम्मेदारी किसी अनुसूचित जाति के नेता को ही देना चाहते हैं। इसलिए हरियाणा में पंजाब और मध्यप्रदेश के संगठन से निकलकर आया एक नया फार्मूला हाईकमान अपना सकता है।

अशोक गहलोत की चाहत, हुड्डा को मिले महत्व

अशोक गहलोत चाहते हैं कि हुड्डा को महत्व मिले। वह हरियाणा पर विशेष ध्यान रखते हैं। कमलनाथ के मध्यप्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के बाद हरियाणा कांग्रेस प्रभारी का पद खाली है। राहुल गांधी की 29 अप्रैल को हुई जनाक्रोश रैली की तैयारियों के लिए नई दिल्ली मे 17 अप्रैल को हरियाणा कांग्रेस नेताओं की बैठक में कमलनाथ के साथ अशोक गहलोत भी उपस्थित थे।

गहलोत चूंकि राजस्थान से हैं और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के साथ जब राजस्थान में चुनाव होंगे तो जाट बहुल क्षेत्रों में उन्हें हुड्डा जैसे सशक्त जाट नेता की भी जरूरत पड़ेगी। ऐसा भी माना जा रहा है कि हुड्डा के पुत्र रोहतक के सांसद दीपेंद्र को राजस्थान कांग्रेस का सहप्रभारी भी बनाया जा सकता है। जब तक हरियाणा प्रदेश कांग्रेस को नया प्रदेश प्रभारी नहीं मिल जाता गहलोत हरियाणा कांग्रेस की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

हरियाणा में किसानों का भरोसा जीतने के लिए कुछ ऐसा करेगी BJP

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने फसलों के बढ़े न्यूनतम समर्थन