CBI निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। इस पीठ में जस्टिस गोगोई के साथ जस्टिस एके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल है। आलोक वर्मा का केस नंबर 41 है। आलोक वर्मा के वकील फली एस नरीमन हैं। वहीं अस्थाना के वकील मुकुल रोहतगी हैं। वर्मा ने छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले को न्यायालय में चुनौती दी है। 23 अक्तूबर की रात को छुट्टी पर भेजे जाने का आदेश जारी हुआ था। अस्थाना के साथ ही आलोक वर्मा न्यायालय पहुंच गए हैं।CBI निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई – वर्मा ने नागेश्वर राव को सीबीआई प्रमुख बनाने के फैसले को चुनौती दी है। 

वर्मा ने मंगलवार देर रात 2 बजे छुट्टी पर भेजे जाने के बाद बुधवार सुबह उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वहीं सीबीआई निदेशक वर्मा को बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस आज देशभर में सीबीआई दफ्तरों के बाहर धरना प्रदर्शन करने की तैयारी में है। इस बारे में ट्वीट करते हुए गांधी ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में सीजीओ परिसर में सीबीआई मुख्यालय के बाहर पार्टी के प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।

राहुल ने कहा कि शुक्रवार को देशभर में सीबीआई के कार्यालयों के बाहर कांग्रेस पार्टी सीबीआई प्रमुख को हटाकर राफेल घोटाले में जांच को रोकने के प्रधानमंत्री के शर्मनाक प्रयास का विरोध करेगी। मैं सुबह 11 बजे दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व करूंगा।’ पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सीबीआई निदेशक वर्मा के खिलाफ आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर देश से माफी मांगने की मांग करेगी। 

वर्मा की बात करें तो उन्होंने कार्मिक विभाग के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है। दरअसल, वर्मा और जांच एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच जारी खींचतान के मामले में केंद्र, सीवीसी व कार्मिक विभाग ने हस्तक्षेप करते हुए मंगलवार रात से दोनों को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया था। 

सुनवाई से पहले सीबीआई ने दी ‘सफाई’ , पदों पर बने रहेंगे वर्मा और अस्थाना

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को हटाया नहीं गया है। दोनों अपने पद पर बने रहेंगे। जब तक केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) मामले की जांच कर रहा है, तब तक एम नागेश्वर राव सीबीआई निदेशक का कार्यभार संभालेंगे। 

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी की विश्वसनीयता और छवि में गिरावट से उन सभी मामलों पर असर पड़ेगा, जिन्हें हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लड़ रहे हैं। हमारे सभी कदम एजेंसी की अच्छी छवि बनाए रखने के लिए हैं। 

सीबीआई हेडक्वॉर्टर के आगे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आस पास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।

कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने कहा कि मोदी सरकार राफेल में हुए घोटाले से घबरा गई है। इसलिए उन्होंने सीबीआई को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, मोदीतंत्र को हराएगा, सत्य की विजय होगी।

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