हरियाणा सरकार अब और नहीं गिडगिडायेगी रोडवेज कर्मियों के सामने

जेएनएन, चंडीगढ़। निजी बसों को कांट्रेक्‍ट पर चलाने के मामले में इस बार हरियाणा सरकार राेडवेज कर्मचारियों के आगे झ़ुकने को तैयार नहीं है। किलोमीटर स्कीम के तहत 700 बसों के संचालन का विरोध कर रहीं रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के आगे सरकार सरकार का रुख इस बार कड़ा दिख रहा है। इसके साथ ही रोडवेज में अब अनुबंध आधार पर 30 वोल्वो बसें चलाने की तैयारी है।हरियाणा सरकार अब और नहीं गिडगिडायेगी रोडवेज कर्मियों के सामने

इस संबंध में परिवहन विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को प्रस्ताव भेज दिया है और मंजूरी मिलने पर तीन महीने के भीतर इन वोल्वो बसों को सड़कों पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, कर्मचारियों के विरोध से निपटने के लिए परिवहन मंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।

चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि वर्तमान में चल रही 39 वोल्वो बसें भले ही निर्धारित किलोमीटर और दस साल की सीमा पार कर चुकी हों, लेकिन इनकी हालत ठीक है। ये बसें भी सड़कों पर दौड़ती रहेंगी। उन्होंने कर्नाटक का हवाला देते हुए कहा कि वहां की वोल्वो बसें तो 19 लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं।

परिवहन मंत्री ने कहा कि इस साल 650 नई बसें परिवहन बेड़े में शामिल की जाएंगी। इनमें 150 मिनी बसें, 150 वातानुकुलित और 350 साधारण बसें शामिल हैं। पिछले साल 600 बसें बेड़े में शामिल की गईं थी। हालांकि इन दो सालों में 567 बसें कंडम भी हो गईं। उन्होंने बताया कि स्टेज कैरिज स्कीम के तहत 902 निजी संचालकों को 273 मार्गों पर बसों के संचालन के परमिट दिए गए हैं। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम के तहत 510 बसों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

किलोमीटर स्कीम के तहत बसों को परमिट से रोडवेज की निजीकरण के आरोपों को परिवहन मंत्री पंवार ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भले ही इन बसों के आपरेटर और चालक निजी क्षेत्र के होंगे, लेकिन परमिट और परिचालक तो सरकारी ही होगा। ऐसे में ये बसें निजी कहां हुईं।

रोडवेज का घाटा होने लगा कम

परिवहन मंत्री ने माना कि रोडवेज को पिछले साल 676 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसकी वजह यात्रियों को 40 से अधिक श्रेणियों में रियायती सफर की सुविधा है। इसके बावजूद महकमे ने इस साल पहली तिमाही में 730 करोड़ रुपये कमाए हैं, जबकि पिछले साल इस अवधि में सिर्फ 615 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में आए थे। परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में हर दिन 33 लाख यात्री सफर करते हैं जिनमें से 12.50 लाख लोगों को रोडवेज बसें गंतव्य तक पहुंचाती हैं। 

परिवहन मंत्री ने बताया कि करनाल, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आधुनिक बस टर्मिनल बनाए जाएंगे। बिलासपुर, रादौर, कुंजपुरा, फतेहाबाद, कालांवाली, बहादुरगढ़ और नांगल चौधरी में बस अड्डों का निर्माण कार्य जारी है। बसों के बेहतर रख-रखाव के लिए कार्यशालाओं को नवीनतम मशीनरी, औजार और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराकर आधुनिक बनाया जा रहा है। इस साल नए बस अड्डों व कर्मशालाओं के निर्माण पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गुरुग्राम में 48 स्टाफ क्वार्टर बनाए गए हैं।

रोडवेज बसों में ई-टिकटिंग जल्द

मंत्री पंवार ने बताया कि डिपो प्रबंधन प्रणाली के अलावा ऑनलाइन एडवांस रिजर्वेशन और टिकटिंग प्रणाली शुरू की गई है। ई-टिकटिंग भी जल्द होगी, जिससे पता लग सकेगा कि रियायती दरों पर हर दिन कितने यात्री सफर करते हैं। उन्होंने बताया कि 1628 चालकों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं और 450 लिपिकों को नियुक्ति दी गई है। नियमित आधार पर हेल्पर व स्टोरमैन के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की योजना के तहत जून तक करीब 26 लाख वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेटें लगाई गई हैं।

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