मॉनसून सीजन हर किसी को बेसब्री से इंतजार होता है. इस सीजन में होने वाली बारिश को हर शख्स एंजॉय करना चाहता है. ऐसे काफी लोग हैं जिन्हें इस मौसम में गर्मा गर्म पकौड़े खाना पसंद है. मॉनसून के दौरान पेट खराब होना एक आम समस्या है. वैसे हम यह बात जानते हैं कि इस मौसम में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है जिसके कारण हमें बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए. अब लोगों के जहन में सवाल आता है कि आखिर इस मौसम में क्या खाएं जिससे डाइजेशन ठीक रहे.

खिचड़ी एक ऐसा ऑप्शन है जो पेट भरने के साथ सेहत के लिए फायदेमंद भी है. दाल-चावल से मिलकर बनी यह डिश पोषक तत्वों से भरी है. बदलते मौसम में अगर आपको भी पाचन संबंधी समस्‍याएं हो रही हैं, तो खिचड़ी एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

मानसून के दौरान इम्‍यूनिटी कमजोर हो जाती है. फूड पॉइजनिंग, इंफेक्शन और डायरिया आदि की समस्‍याएं इन दिनों देखने में आती हैं. जिसकी सबसे बड़ी वजह बरसात के मौसम में खाने की चीजों में फैलने वाला इंफेक्शन है. खिचड़ी डाइजेशन के लिए अत्यधिक स्वास्थ्यप्रद और पेट को आराम देती है.

देसी घी के तड़के के साथ बनी मूंग की दाल और चावल में की खिचड़ी सभी पोषक तत्वों के साथ एक हेल्‍दी डाइट है. घी और फाइबर चावल के हाई ग्लाइसेमिक को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक इस मौसम में बाहर के खाने के बजाय घर का बना सुपाच्य खाना खाना चाहिए. इसको टेस्‍टी और मजेदार बनाने के लिए आप इसमें अपनी पसंदीदा सब्जियां और टमाटर भी डाल सकते हैं.

-मूंग की दाल की खिचड़ी काफी हल्‍की होती है.

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-खिचड़ी में हल्दी मिलाने से यह एंटीसेप्टिक का काम भी करती है. एक चुटकी हल्दी को ज्यादातर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लाभदायक कहा जाता है.

-मूंग की दाल में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और यह पेट के लिए काफी हल्‍की होती है.
-दही के साथ मूंग की दाल की खिचड़ी खाने से यह आसानी से डाइजेस्‍ट हो जाती है और सुपाच्य भी रहती है.
-खिचड़ी पौष्टिक भोजन है. मूंग की दाल में फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फास्फोरस पाया जाता है जो शरीर को ताकत भी देता है.