Gen-Z को प्यार नहीं, सिर्फ ‘डोपामिन’ चाहिए! क्या है यह नया डेटिंग ट्रेंड

एक वक्त था जब लोग अपने रिश्तों को प्राइवेट रखना बहुत पसंद करते थे, पर अब सोशल मीडिया के जमाने में रिलेशनशिप भी उतनी ही पब्लिक हो चुकी है। इन्हीं सबके चलते हर दिन कोई न कोई डेटिंग ट्रेंड सुर्खियों में रहता है, इन दिनों डोपामिन डेटिंग की बात की जा रही है।
आइए आपको बताते हैं डोपामिन डेटिंग ट्रेंड के बारे में कि आखिर क्या है इसका मतलब और क्यों लोग इसे फॉलो कर रहे हैं।
डोपामिन डेटिंग ट्रेंड क्या है?
डोपामिन डेटिंग का मतलब साफ तौर पर जाहिर हो रहा है, यानी ऐसी डेटिंग जिसमें फीलिंग से ज्यादा डोपामिन को आगे रखा जाए। इस तरह डेटिंग में लोग किसी सिरियस रिलेशनशिप की तलाश में नहीं होते, उन्हें केवल अपने टाइमपास के लिए लोगों की जरूरत होती है। आजकल लोग अपनी बोरियत को भगाने के लिए इस तरह के ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं।
रिश्ते को फिर से नया जैसा बना सकता है यह ट्रेंड
डोपामिन डेटिंग ट्रेंड का दूसरा पहलू भी है, जो किसी भी जर्जर रिश्ते को फिर से नया जैसा बनाने में मदद कर सकता है। अब क्योंकि इसका कनेक्शन रिलेशनशिप के शुरू में फील होने वाले हैप्पी हॉर्मोन है तो इस हॉर्मोन को रिलेशनशिप में हनीमून पीरियड के खत्म होने के बाद भी फॉलो किया जा सकता है।
अपनी आइडेंटिटी बनाए रखें
किसी भी रिश्ते में अपनी खुद की आइडेंटिटी बनाए रखना रिश्ते को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकता है। अपने दोस्तों से मिलते रहना, शौक पूरे करना, परिवार के साथ बराबर समय निकालना इनके कुछ तरीके हैं। इससे आपके पास पार्टनर से शेयर करने के लिए और भी बहुत ही बातें होंगी, जिससे इमोशनली नजदीकी बढ़ेगी।
खुशमिजाज रहना
हर बार अपनी उदासी और चिड़चिड़ेपन को पार्टनर के सामने जाहिर करना सही नहीं। इसके बजाय हंसमुख रहकर रिलेशनशिप को पॉजिटिव बनाए रखा जा सकता है। यही प्लेफुलनेस रिश्ते को लॉंग टर्म रखने में मदद करेगी।
जल्दबाजी करने से बचें
किसी भी रिश्ते को लॉंग टर्म बनाए रखने के लिए सबसे पहली शर्त है कि उसमें जल्दबाजी न की जाए। अगर वह रिश्ता टिक सकता होगा तो वह इस धीमी गति में फलने-फूलने लगेगा। अपने पार्टनर की हर छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें और उस फीलिंग को महसूस करें। यह डोपामिन हर दिन रिश्ते में ताजगी भरेगा।





