गैंगरेप विक्टिम की आपबीती: बोली- बेहोश होने तक दरिंदों से करती रही संघर्ष

भोपाल.31 अक्टूबर की रात गैंगरेप का शिकार हुई पीड़िता ने बेहोश होने तक चारों आरोपियों से संघर्ष किया था। बदमाशों ने उसके हाथ बांध दिए थे। इसके बावजूद 19 साल की लड़की ने हिम्मत नहीं हारी और दरिंदों से लड़ती रही। पीड़िता ने शुक्रवार को पुलिस के सामने आपबीती बयां की। वहीं, भोपाल गैंगरेप केस में पुलिस का ढुलमुल रवैया ही कई सवाल खड़े करता है। ऐसे में टीम ने क्राइम सीन का जायजा लिया। जहां चारों आरोपी गैंगरेप को अंजाम दे रहे थे, उस घटना स्थल से रेलवे पुलिस थाने की दूरी महज 100 मीटर की थी। इस दूरी को तय करने में दो मिनट से भी कम का समय लगता है। सवाल ये है कि दरिंदे तीन घंटे तक स्टूडेंट के साथ गैंगरेप करते रहे और थाने की पुलिस को भनक नहीं लग सकी। विदिशा की रहने वाली इस लड़की से बदमाशों ने तब गैंगरेप किया, जब वो ट्रेन पकड़ने के लिए हबीबगंज रेलवे स्टेशन जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को अरेस्ट किया है और एक फरार है।
पीड़िता ने पुलिस को क्या बताया?
नशे में थे आरोपी: पीड़िता ने पुलिस को बयान दिया, “ट्रेन छूटने का वक्त हो रहा था। मैं शाम करीब 7:30 बजे तेज कदमों से हबीबगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर कच्चे रास्ते से जा रही थी। वहां अमर नशे की हालत में दोस्तों के साथ बैठा था। मुझे अकेला पाकर पकड़ लिया और अपने साथी गोलू को आवाज दी। मैंने उससे छूटने के लिए हाथ-पैर चलाने शुरू कर दिए। इसी बीच गोलू भी आ गया। दोनों ने मुझे कसकर पकड़ लिया।”
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बेहोश होने के बाद आरोपी भाग गए: “मैंने उन दोनों से संघर्ष शुरू कर दिया। हाथापाई में तीनों लोग नाले के पास बने 10-12 फीट गहरे गड्ढे में गिर गए। मैंने उनसे लड़ना नहीं छोड़ा। आरोपी मुझे खींचते हुए नाले के अंदर ले गए। आधे घंटे तक संघर्ष करने के बाद मैं निढाल हो गई। उन लोगों ने मेरे साथ रेप किया। हाथ पीछे बांध दिए थे। जब मैं बेहोश हो गई तो आरोपी वहां से भाग गए।”
पुलिस ने 11 घंटे सीमा विवाद में उलझाए रखा
– पिता ने बताया, “मंगलवार (31 अक्टूबर) रात बेटी का अनजान नंबर से फोन आया। उसकी आवाज भी नहीं निकल रही थी। उसने बताया मैं हबीबगंज आरपीएफ ऑफिस में हूं। पहुंचा तो बेटी सहमी हुई खड़ी हुई थी। उसकी हालत देख उसे घर ले आया।”
– “लड़खड़ाते शब्दों में उसने घटना के बारे में बताया। बेटी को दिलासा दी और बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे बजे उसे पत्नी के साथ लेकर एमपी नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात एसआई आरएम टेकाम मिले। हमारी पूरी बात भी नहीं सुनी और हबीबगंज थाने जाने को कह दिया। बेटी और पत्नी को लेकर हबीबगंज थाने पहुंचा।”
– “हमारी बात सुनते ही हबीबगंज टीआई हमारे साथ दोपहर करीब साढ़े 11 बजे घटनास्थल पर आ गए। उन्होंने जीआरपी हबीबगंज को फोन किया, लेकिन वहां से कोई भी स्टाफ आने को तैयार नहीं था। इसी बीच हमने ही दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।”
– “काफी देर बाद जीआरपी का एक एसआई वहां आया। वह भी कुछ सुनने को तैयार नहीं था। उसके काफी देर बाद टीआई जीआरपी हबीबगंज मोहित सक्सेना आए। उनके बीच सीमा को लेकर विवाद चलता रहा। कोई भी इसे अपने क्षेत्र में मानने को तैयार नहीं था।”
– “बाद में हबीबगंज टीआई के मामला दर्ज करने की बात कहने पर रात साढ़े 8 बजे जीआरपी हबीबगंज ने हमारी शिकायत पर अज्ञात चार आरोपियों पर मामला दर्ज किया।”
– “हम अपने आप से तो लड़ ही रहे हैं, लेकिन सिस्टम ने हमें तोड़ कर रख दिया। 11 घंटे तक हमें सीमा विवाद में उलझाए रखा।”
– “अब बस हमें बेटी का ख्याल रखना है। उसका इलाज चल रहा है। दो दिन बाद वह कुछ ठीक से बोल पा रही है। उसने बस इतना कहा- पापा उन्हें सजा मिलनी चाहिए।”
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3 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
गोलू उर्फ बिहारी (25), अमर उर्फ गुल्टू (25) और राजेश उर्फ चेतराम (50) को गिरफ्तार कर लिया गया है। चौथा आरोपी रमेश उर्फ राजू अभी फरार है। वह खानाबदोश है।
निर्दोष को उठा लाई पुलिस
– आरोपियों की गिरफ्तारी की जल्दी में जीआरपी एक निर्दोष को घर से उठा लाई। दो दिन लॉकअप में बर्बरता की गई।
– एसपी रेल अनीता मालवीय ने मीडिया को जानकारी भी दे दी कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन बाद में असलियत पता चली कि पुलिस चौथे आरोपी रमेश उर्फ राजू की जगह राजेश राजपूत उर्फ राजू नामक शख्स को ले आई है।
– स्टूडेंट द्वारा राजेश को आरोपी मानने से इनकार करने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
आरोपियों से रिश्ता नहीं रखना चाहते परिजन
– पुलिस के मुताबिक, आरोपियों गोलू बिहारी, अमर उर्फ छोटू, राजू उर्फ राजेश और रमेश के परिजन ने मुंह मोड़ लिया है। वे आरोपियों के बारे में बात तक करना नहीं चाहते। परिजन को जब तक इस घटना का पता चला, तब तक पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए आ चुकी थी। परिजन आरोपियों से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहते।”
मेरे पति ने गलत काम किया- आरोपी की पत्नी
– आरोपी गोलू की पत्नी ने कहा कि वो मीडिया के सामने नहीं आना चाहती है। उसके पति ने गलत काम किया है। उनका कहना है कि अगर लोगों को ये पता चला कि गोलू ही उसका पति है तो वो मारपीट कर सकते हैं।
– अमर की पत्नी ने कहा कि हमारे दो बच्चे हैं। पति गलत काम किया है। मैं उनसे ना तो मिलने गई और ना ही मिलने जाऊंगी।
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नशे और जुआ खेलने के आदी हैं आरोपी
– पुलिस के मुताबिक, “गोलू और अमर को जुआ खेलने और नशे की लत है। ये लोग सुबह से कबाड़ इकट्ठा करते हैं और दोपहर तक उसे बेच देते हैं। जो रुपया मिलता है, उससे पूरे दिन जुआ खेलते हैं और नशा करते हैं। 3 साल पहले गोलू पर GRP ने 5 दिन की बच्ची को रेलवे ट्रैक पर छोड़ने का मामला दर्ज किया था। गोलू के साथ महिला को भी अरेस्ट किया गया था।”





