चारा घोटाला: लालू को बेल या जेल से तय होगी बेटे तेजप्रताप की शादी में सियासत

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चारा घोटाले के दुमका कोषागार से निकासी के मामले में रांची हाईकोर्ट में चार मई को लालू प्रसाद यादव की जमानत पर सुनवाई होनी थी, जो हाईकोर्ट में हड़ताल की भेंट चढ़ गई। अब जमानत याचिका पर सुनवाई 11 मई को हागी। यह जानकारी लालू यादव के वकील चितरंजन सिन्‍हा ने दी। बेटे की शादी से महज एक दिन पहले सुनवाई पर राजद समेत सभी दलों की निगाहें टिकी हैं। लालू को जमानत मिली तो बाकी के मुकदमों में भी आसानी होगी। लालू बेटे की शादी में शामिल होने के लिए पेरोल का आवेदन कब देते हैं, इसपर भी निगाहें टिकीं हैं। लालू को अगर जमानत मिल गई तो पटना में तेजप्रताप की शादी में सियासत तय है। चारा घोटाला: लालू को बेल या जेल से तय होगी बेटे तेजप्रताप की शादी में सियासत
चारा घोटाला मामले में लालू को दो अलग-अलग धाराओं में सात-सात साल की सजा सुनाई गई है। लालू ने मेडिकल ग्राउंड पर प्रोविजनल बेल मांगी है। जाहिर है, जमानत मिल जाने पर दूसरे मामलों में बेल मांगने का लफड़ा नहीं रहेगा। बेहतर इलाज के नाम पर हाईकोर्ट उन्हें जमानत दे सकता है और इस दौरान लालू अपने पुत्र तेज प्रताप की शादी में भी शामिल हो सकते हैं। घर में मांगलिक कार्य से महज हफ्ते भर पहले होने वाली लालू की जमानत पर सुनवाई पर राजद समेत सभी दलों की निगाहें टिकी थी। सियासत भी खूब हो रही है। राजद आक्रामक है, लेकिन सेहत के नाम पर विरोधी दलों ने चुप्पी साध रखी है। सुनवाई टल जाने से लालू यादव के समर्थकों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है।

मोदी सरकार की चौथी वर्षगांठ पर लोगों को मिला ये तोहफा

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा सोशल मीडिया के जरिए लालू से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात पर सियासत को गर्म कर चुके हैं। उन्होंने ट्वीट करके दोनों नेताओं की भेंट पर कटाक्ष किया है। राजद नेताओं का आरोप है कि लोकसभा चुनाव में तय हार को देखते हुए लालू को मारने की साजिश की जा रही है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे एक दिन पहले केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश कर चुके हैं। फिलहाल राजद की सबसे बड़ी चिंता है कि रिम्स और एम्स की ताजा रिपोर्ट लालू की बेल में कहीं बाधा न डाल दे।

सियासी कारणों से एम्स से हटाया

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी के मुताबिक राहुल से मुलाकात के महज तीन घंटे बाद लालू को रांची भेजने का फरमान सुना दिया गया। साफ है कि सियासी कारणों से उन्हें दिल्ली से हटाया गया। भाजपा को डर था कि लालू दिल्ली में रहकर विपक्षी एकजुटता को प्रोत्साहित कर सकते हैं। राजद नेताओं के मुताबिक डिस्चार्ज का ड्रामा भी लालू को मेडिकली फिट बताने के लिए किया गया, ताकि जमानत न मिले। 

पेरोल के लिए अभी तक आवेदन नहीं

लालू परिवार का पूरा ध्यान जमानत पर होने वाली सुनवाई पर था, इस वजह से अभी तक शादी में शिरकत करने के लिए पेरोल लेने की बात नहीं सोची गई। शायद अब इस पर विचार हो सकता है।

 
 
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