बिना मेहरम के हज पर आज रवाना होगी पहली मुस्लिम महिला

बिना महरम (ऐसे पुरुष साथी जिनसे पर्दा न हो) के महिलाओं के पांच ग्रुप शनिवार को पहली बार मुकद्दस हज यात्रा पर रवाना होंगे। वहीं,  सऊदी अरब में महिला हज यात्रियों की मदद के लिए इस बार चार महिला खादिमुल हुज्जाज (हज सेवक) भी मदीना भेजी जाएंगी।बिना मेहरम के हज पर आज रवाना होगी पहली मुस्लिम महिला

हज-2018 के एक्शन प्लान में इस बार 45 साल से ऊपर की महिलाओं को बगैर महरम हज पर जाने की सहूलियत दी गई है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने बिना महरम के हज पर जाने के लिए चार महिलाओं का समूह होने की शर्त लगाई है। सऊदी अरब सरकार की मंजूरी के बाद पहली बार महिलाओं को भी हज सेवक बनने का मौका दिया गया है।

प्रदेश के कुल 157 खादिमुल हुज्जाज में चार महिलाएं भी शामिल हैं। राज्य हज कमेटी के सहायक सचिव जावेद अहमद ने बताया कि सभी महिलाएं शनिवार को दोपहर 12 बजे की उड़ान से रवाना होंगी। हज सेविकाएं सऊदी अरब में महिला हज यात्रियों की मदद करेंगी।

ये बनी हैं हज सेवक

खादिमुल हुज्जाज के तौर पर पहली बार लखनऊ की 51 वर्षीय जमीला खातून, 53 वर्षीय सुमैरा, सीतापुर की 46 वर्षीय नूर अख्तर, बाराबंकी की 54 वर्षीय कमाल फातिमा हज सेवक के तौर महिला हज यात्रियों की मदद के लिए सऊदी अरब रवाना होंगी। 

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