SGPC प्रधान का चुनाव सुखबीर बादल के लिए चुनौती, 3 लोग बिगाड़ सकते हैं चुनावी गणित

अकाली दल को कमेटी सदस्यों के जनरल हाउस की मीटिंग में विद्रोह करने का डर है।
अकाली दल के पास 170 सदस्यों की इस साधारण सभा में 145 मेंबर के साथ मनोनीत 15 मेंबर का भी समर्थन है। पिछले एक साल में सुखबीर बादल के विरुद्ध अकाली दल में जो विरोध पैदा हुआ है, उससे इस बार कुछ नए समीकरण बन सकते हैं। अकाली दल में हुई बगावत के बाद सुखबीर बादल के लिए शिरोमणि कमेटी का चुनाव जीतना एक परीक्षा है। शिरोमणि कमेटी के कई बादल समर्थक सदस्य सुखबीर के विरुद्ध बगावत का झंडा उठाए हुए हैं। कमेटी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी सुखदेव सिंह भोर इन कमेटी मेंबर के संपर्क में हैं। पूर्व महासचिव बीबी किरण जोत कौर भी बेअदबी के मुद्दे पर सुखबीर बादल की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर चुकी है।
अकाली दल के वरिष्ठ सदस्य डॉ. रतन सिंह अजनाला भी बादल को कमेटी चुनाव में घेरने की रणनीति बना रहे हैं। सभी बागी नेता कमेटी चुनाव पर एक दूसरे के संपर्क में है। रविवार को सभी बागी नेताओं की मीटिंग होने की संभावना है। इस मीटिंग में बागी अकाली नेता कमेटी सदस्यों से अपनी आत्मा की आवाज पर वोट देने की अपील कर सकते हैं। इसी बीच सुखबीर बादल ने कमेटी मेंबर के साथ 12 नवंबर शाम को तेजा सिंह समुंद्री हाल में एक मीटिंग बुलाई है। परंपरा के अनुसार यह मेंबर सुखबीर को प्रधान सुनने के सभी अधिकार दे देते हैं, इस पर सुखबीर की पकड़ का पता चलेगा। सुखबीर ने प्रधान के चुनाव के मुद्दे पर बीबी जागीर कौर सहित कई वरिष्ठ मेंबर के साथ बातचीत की है।





