पैसा लेकर घर न देने वाले बिल्डर्स पर हो कड़ी कार्रवाई: CM योगी

लखनऊ। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा हजम करने के साथ ही लोगों को घर न देने वाले वाले सूबे के बिल्डर्स पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजरे टेढ़ी हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने पैसा लेकर घर न देने वाले और अवैध कालोनियां बसाने के दोषी बिल्डरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों में तेजी से आवासों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भवन मानचित्र को ऑनलाइन प्रक्रिया से ही पास करने की जल्द व्यवस्था लागू करने भी निर्देश दिए।पैसा लेकर घर न देने वाले बिल्डर्स पर हो कड़ी कार्रवाई: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल अपने कार्यालय लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) को शास्त्री भवन में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी लाई जाए ताकि लोगों को उनका जल्द लाभ मिल सके। बैठक में विभागीय प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तय लक्ष्य के मुताबिक भवन निर्माण के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। 15 सिंतबर से पहले तकरीबन डेढ़ लाख भवनों को केंद्र से मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत गरीबों के लिए पंजीकरण शुल्क 25 हजार से घटाकर पांच हजार कर दी गई है।

मेट्रो परियोजना के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि लखनऊ मेट्रो रेल का 85 फीसद कार्य पूरा कर लिया गया है। कानपुर, मेरठ, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी तथा इलाहाबाद मेट्रो परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है। गाजियाबाद मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार के तहत गाजियाबाद नगर में दिलशाद गार्डेन (दिल्ली) से नया बस अड्डा तक निर्माण कार्य के बारेे में बताया गया कि 92 फीसद से अधिक कार्य हो चुका है।

प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री को यूनिफाइट मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के गठन के बारे में बताया गया। इस बैठक में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना पर सहमति जताते हुए मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सभी औपचारिकताएं जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। परियोजना के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था है।

इस बैठक में ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएस), अमृत योजना, ईज ऑफ डूइंग, एग्रीमेंट फॉर सेल, शमन नीति-2018, लैण्ड पूलिंग स्कीम, शुल्कों का सरलीकरण, रेरा का गठन, रेरा अपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन, वाह्य विकास शुल्क नियमावली में संशोधन, अर्बन सीलिंग, जनहित गारंटी योजना, नजूल भूमि एवं इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की भूमि, भू-उपयोग परिवर्तन आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया।

योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान स्वीकृत बजट तथा रिक्त पदों के संबंध में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजने के निर्देश दिए ताकि विकास प्राधिकरणों के रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

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