नहीं जानते हैं कौन है आपके कुलदेवी या कुलदेवता

विवाह होने के बाद नव दंपती सबसे पहले कुलदेवी और कुलदेवता से आशीर्वाद लेना होता है। लोगों की यह मान्यता है कि इससे दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहती है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि कुलदेवी या देवता की पूजा करने से व्यक्ति को कुंडली के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिल सकती है। इसके  व्यक्ति के जीवन में आ रही समस्याओं को से भी छुटकारा मिल सकता है।

इन तरीकों से लगाएं पता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपने कुलदेवी या देवता के साथ हर परिवार का एक दैविय संबंध होता है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता रहता है। यदि आपको अपने गोत्र का पता है, तो इससे भी आप अपने कुल देवी या देवता के बारे में जान सकते हैं। क्योंकि प्रत्येक गोत्र का अपना एक अलग देवी या देवता होता है।

यहां से मिल सकती है जानकारी

जिस स्थान पर व्यक्ति के पूर्वज रहते थे, उस स्थान के देवी-देवता भी उस व्यक्ति के कुलदेवी-देवता माने जाते हैं। ऐसे में आप अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से बात करके भी अपनी कुलदेवी या कुलदेवता का पता कर सकते हैं। इसके अलावा आपके परिवार या कुल की प्रमुख पूजाएं जिस स्थान पर की जाती हैं, उसके बारे में पता लगाकर भी आप जान सकते हैं कि आपके कुल देवी-देवता कौन हैं।

ज्योतिष की लें मदद

यदि किसी व्यक्ति को अपने कुलदेवी या देवता के बारे में नहीं पता है, तो इसके लिए आप किसी विद्वान ज्योतिष की भी सहायता ले सकते हैं। कुंडली में कुछ ऐसे नक्षत्र माने गए हैं, जिन्हें देखकर किसी व्यक्ति के कुलदेवता या कुलदेवी का पता लगाया जा सकता है।

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