Home > कारोबार > इजराइल से गुजरात पहुंचा डायमंड कटिंग-पॉलिश का कारोबार

इजराइल से गुजरात पहुंचा डायमंड कटिंग-पॉलिश का कारोबार

गुजरात का सूरत अब ग्लोबल डॉयमंड कारोबार का हब है. लगभग दो दशक पहले ही गुजरात ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव से यह ताज छीना है. इस कारोबार में भारत की महारत डायमन्ड की खदान से निकलने वाले रॉ डायमन्ड की कटिंग और पॉलिशिंग के क्षेत्र में है. वहीं इजराइल मौजूदा समय में भी पूरी दुनिया के लिए डायमन्ड ट्रेडिंग का सबसे बड़ा केन्द्र बना हुआ है.

इजराइल से गुजरात पहुंचा डायमंड कटिंग-पॉलिश का कारोबार

चीन, रूस, अफ्रीका समेत भारत से आने वाले बेजोड़ तराशे हुए हीरे अब भी तेल अवीव के शोरूम में बेचे जाते हैं. अभी भी अफ्रीका और रूस की खदानों से निकलने के बाद लगभग सभी हीरे तेल अवीव में कटिंग और पॉलिशिंग के लिए लाया जाता है. यहां से सूरत के कारोबारी डायमन्ड की कटिंग और पॉलिशिंग के काम का ऑर्डर लाते हैं और काम पूरा होने के बाद इजाराइल में स्थित डायमन्ड ट्रेडर्स दुनियाभर में अंगूठी, पेंडेंट, स्विस घड़ियां, पर्स इत्यादि में लगाने के लिए छोटे-बड़े आकारों में डायमन्ड को बेचने का काम करते हैं.

80 के दशक में तेल अवीव से सूरत पहुंचा डायमन्ड कारोबार

वैश्विक डायमन्ड कारोबार में 1980 के दशक तक इजराइल को डायमन्ड हब कहा जाता था. तेल अवीव और आसपास के कुछ शहरों में डायमन्ड इंडस्ट्री का 80 फीसदी कारोबार होता था जिसमें डायमन्ड कटिंग, पॉलिशिंग से लेकर सेल तक शामिल था.

लेकिन इस दशक के दौरान सूरत के कुछ हीरा कारोबारी सस्ती लेबर कॉस्ट और नई टेक्नोलॉजी पर जल्द महारत पाने के बूते इजराइल से इस कारोबार को छीनकर अपना लोहा मनवाने में सफल हुए. मौजूदा समय में जहां भारत में दुनिया का 85 फीसदी डायमन्ड कटिंग और पॉलिशिंग के लिए आता है वहीं मुद्रा में कुल कारोबार का लगभग 60 फीसदी सूरत में होता है.

शेयर बाजार में दिखा घोटाले का असर, सेंसेक्स में 146 अंकों की मजबूती

सूरत ने 2001 से 2010 के बीच किया कमाल

 इजराइल के ट्रेड आंकड़ों के मुताबिक 2001 में डायमन्ड कारोबार इजराइल के कुल एक्सपोर्ट का 60 फीसदी था. लेकिन सूरत के केन्द्र में आने की कवायद के चलते उसके एक्सपोर्ट में डायमन्ड कारोबार 41 फीसदी पर सिमटा और 2010 में यह घटकर महज 27 फीसदी के आसपास रह गया.

मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक इजराइल में वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान जहां डायमन्ड कटिंग और पॉलिशिंग में एक्सपोर्ट महज 1.3 बिलियन डॉलर का रहा वहीं इस दौरान भारत ने कुल 22 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट किया. इसके अलावा जहां 1980 और 1990 के दशक में इजराइल के डायमन्ड इंडस्ट्री 25 से 35 हजार लोग काम करते थे आज महज 500 से 1000 लोग काम करते हैं. सूरत की डायमन्ड इंडस्ट्री में मौजूदा समय में 4,500 कंपनियां हैं जहां लगभग 5 लाख लोगों को राजगार मिला है.

डायमन्ड ट्रेडिंग पर कायम है बादशाहत

रफ डायमन्ड की कटिंग और पॉलिशिंग के काम में सूरत भले ग्लोबल हब बन चुका है लेकिन डॉयमन्ड के कुल कारोबार में आज भी इजराइल की बादशाहत कायम है. ईवन-जौहर की किताब माइन टू मिस्ट्रेस के मुताबिक 1939 में ग्लोबल डायमन्ड कारोबार में फिलिस्तीन में चार डायमन्ड कटिंग प्लांट थे जहां 197 लोग काम करते थे.

1940 के दशक में जर्मनी द्वारा कब्जे के बाद बेल्जियम और हॉलेन्ड से भागकर यहूदी डायमन्ड कारोबारी पहुंचे. इस दौरान इस क्षेत्र में 33 कंपनियां बन गई और लगभग 5000 लोग इनमें काम करते थे. इसी ताकत के सहारे मौजूदा समय में इजराइल डायमन्ड कारोबार का बड़ा खिलाड़ी है और आज भी सूरत के डायमन्ड कारोबारियों को इजराइल से कटिंग और पॉलिशिंग का सबसे बड़ा काम मिलता है.

Loading...

Check Also

फेस्टिव सीजन के बाद ग्राहक के लिए आई बुरी खबर, इन कंपनियां बढ़ाये अपने उत्पादों के दाम

फेस्टिव सीजन के बाद ग्राहक के लिए आई बुरी खबर, इन कंपनियां बढ़ाये अपने उत्पादों के दाम

फेस्टिव सीजन के समय अगर आपने टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे बढ़े उत्पाद नहीं …

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com