कोरोना के चपेट में शेयर बाजार, 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर सेंसेक्स

कोरोना के चपेट में एक बार फिर घरेलू शेयर बाजार आ गया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर( 32861 ) तक आ चुका है। दोपहर करीब ढाई बजे के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2913 अंकों की ढलान के साथ 32,770 के स्तर पर आ गया।  दलाल स्ट्रीट पर मची इस तबाही में निवेशक के 9,15,113 करोड़ रुपये डूब गए और बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 127 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो बुधवार को कारोबार बंद होने पर 137 लाख करोड़ रुपये था।

खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला सूचकांक 2913 अंक या 8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 32,770 पर कारोबार कर रहा था। इसी प्रकार 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 862 अंकों की गिरावट के साथ निचले स्तर जा पहुंचा। वहीं पूवार्ह्न 11.01 बजे सेंसेक्स पिछले सत्र से 2,357.63 अंकों यानी 6.60 फीसदी लुढ़ककर 33,339.77 पर कारोबार कर रहा था, जबकि इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र से 2,447.34 अंकों की गिरावट के साथ 33,250.06 पर आ गया।  वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सत्र के मुकाबले 731.90 अंकों यानी सात फीसदी की गिरावट के साथ 9,726.50 पर बना हुआ था जबकि इससे पहले निफ्टी 744.75 अंक टूटकर 9,713.65 पर आ गया।

 सुबह के सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 82 पैसे टूटकर 74.50 तक पहुंच गया। हालांकि बाद मे इसमें कुछ सुधार हुआ और यह 46 पैसे की गिरावट के साथ 74.14 पर पहुंच गया। सेंसेक्स के सभी शेयर घाटे में कारोबार कर रहे थे। एक्सिस बैंक में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा एसबीआई, हीरो मोटोकॉर्प, आईटीसी, एमएंडएम, बजाज ऑटो और टाइटन में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबारियों के अनुसार डब्ल्यूएचओ द्वारा कोरोना वायरस के प्रकोप को महामारी घोषित करने के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता चरम पर है।  उन्होंने कहा कि वैश्विक इक्विटी बाजार में चौतरफा बिकवाली के अलावा तेल कीमतों में बड़े पैमाने पर गिरावट और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक सेंसेक्स 1889 अंकों का गोता लगा चुका था और वह 33883 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी भी 564 अंक धड़ाम हो चुका था और वह 9894 के स्तर पर था। सबसे ज्यादा नुकसान वाले स्टॉक की बात करें तो शुरुआती कारोबार में यस बैंक  12.33 फीसद, टाटा मोटर्स 11.73 फीसद, वेदांता 9.89%, अडानी पोर्ट 9.38 फीसद टूट चके थे। निफ्टी 50 का कोई भी स्टॉक हरे निशान पर कारोबार करता नहीं दिख रहा है। 

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सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स 1224 अंकों की भारी गिरावट के साथ 34472 के स्तर पर खुला तो वहीं निफ्टी 498.30 अकों की गिरावट के साथ 9,960.10 के स्तर पर। आज सभी सेक्टर्स की शुरुआत गिरावट पर हुई। महज एक मिनट में निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। शीर्ष गिरावट वाले शेयरों में टाटा स्टील, कोल इंडिया, वेदांता लिमिटेड, आईओसी, इंडसइंड बैंक,  बीपीसीएल, इंफोसिस, टाटा मोटर्स और पावर ग्रिड शामिल है।

इस महीने यह दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है। प्री ओपन के दौरान सेंसेक्स 9 बजकर 10 मिनट पर 1224 अंक टूटकर 34472 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुररुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स के लगभग सभी शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं निफ्टी में भी भारी बिकवाली देखी जा रही थी। बाजर खुलने के चंद मिनटों में ही सेंसेक्स 1558.79 अंक यानी 4.37% टूटकर 34,138.61 के स्तर पर कारेाबार करने लगा। वहीं निफ्टी 512.95 अंक (-4.9%) टूटकर  9,945.45 के स्तर पर आ गया।

कोरोना वायरस के प्रकोप का विमानन कंपनियों पर असर, शेयरों में भारी गिरावट

कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बीच दुनिया भर में आवाजाही पर रोक लगने से निवेशकों की चिंताएं बढ़ीं और गुरुवार को विमानन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। सुबह के कारोबार में इंडिगो, स्पाइसजेट और बंद हो चुकी जेट एयरवेज के शेयरों में भारी गिरावट हुई। स्पाइसजेट में 18 फीसदी से अधिक की गिरावट हुई। इस दौरान 30 शेयरों वाले सेंसेक्स सूचकांक में 2,000 अंकों से अधिक की गिरावट हुई।

देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो की पितृ कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,039.35 रुपये पर पहुंच गए। कंपनी ने कहा है कि कोरोना वायरस के चलते उसकी तिमाही आय में कमी आएगी। स्पाइसजेट के शेयर 18 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 49.40 रुपये पर आ गए, जबकि जेट एयरवेज करीब पांच प्रतिशत गिरकर 18.95 रुपये पर था

गिरावट की वजह
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कोरोना को विश्वव्यापी महामारी घोषित करने के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में भूचाल आ गया है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने कहा कि कोविड-19 को पैनडेमिक (विश्वव्यापी महामारी) माना जा सकता है। वहीं अगर भारत की बात करें तो देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 12 नए मामले सामने आए हैं। अब मरीजों के संख्या 68 हो गई है। सरकार ने 15 अप्रैल तक सभी देशों के पर्यटक वीजा निलंबित कर दिए हैं।
डाउ जोन्स भी धड़ाम 

अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क डाउ जोन्स 1400 अंकों से ज्यादा फिसला, जिसके बाद एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। सिंगापुर एक्सचेंज पर निफ्टी फ्यूचर्स करीब 4% से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दे रहे थे। वहीं क्यो बेंचमार्क निक्केई 2% से ज्यादा नीचे, साउथ कोरिया कका कॉस्पी करीब 1.25% और ऑस्ट्रेलिया का एएसएस शुरुआती ट्रेड में 2.6% नीचे देखे गए।

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