YES के बाद अब इन 3 बैंकों ने ग्राहकों की बढाई टेंशन, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

बीते दिनों रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने YES बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. इन पाबंदियों की वजह से YES बैंक के ग्राहकों को भी काफी दिक्‍कतें हो रही हैं. ग्राहक 3 अप्रैल 2020 तक सिर्फ 50 हजार रुपये खाते से निकाल सकते हैं तो वहीं नए लोन भी नहीं ले सकते हैं.

YES बैंक की हालत देखकर देश के 3 अन्‍य बैंकों पर भी सवाल खड़े हुए हैं. हालांकि, इन तीनों बैंकों ने सफाई देते हुए ग्राहकों की टेंशन दूर करने की कोशिश की है. बहरहाल, आइए जानते हैं कौन से हैं वो तीन बैंक और इन्‍होंने सफाई में क्‍या कहा है..

आरबीएल बैंक-

निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक ने अपनी सफाई में कहा है कि उसकी फाइनेंशियल स्थिति मजबूत है. आरबीएल बैंक ने कहा, ‘‘आरबीएल बैंक का प्रबंधन बैंक को लेकर चिंताओं को दूर करना चाहता है, जो गलत सूचनाओं पर आधारित हैं.’’

इसे भी पढ़ें: कोरोना के चलते शेयर बाजार में आई जबरदस्त गिरावट लगाया 1,880 अंक का गोता, एक मिनट में डूबे सात लाख करोड़

बैंक ने बयान में आगे कहा, ‘‘हम इस बात पर फिर से जोर देना चाहते हैं कि आरबीएल बैंक एक बुनियादी रूप से एक मजबूत संस्थान है. खासतौर से सोशल मीडिया में संस्था की वित्तीय सेहत और स्थिरता को लेकर अफवाहें गलत हैं, गलत भावना से प्रेरित हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.’’ आरबीएल बैंक ने बताया कि उसके पास नकदी की स्थिति अच्छी है, वृद्धि जारी है और प्रबंधन पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

करूर वैश्य बैंक-

इसी तरह, निजी क्षेत्र के करूर वैश्य बैंक (केवीबी) ने भी फाइनेंशियल स्थिति के मजबूत होने की बात कही है. बैंक का कहना है कि उसका पूंजी आधार ठीक है और वह एक लाभ कमाने वाला बैंक है.

करूर वैश्य बैंक ने एक बयान में कहा,‘‘ केवीबी के पास पर्याप्त पूंजी है. अपने 104 साल के इतिहास में बैंक निरंतर लाभ में रहा है.’’ निजी क्षेत्र के बैंक ने यह भी कहा कि उसके पास नकदी का स्तर बेहतर है.

कर्नाटक बैंक
एक अन्‍य बैंक कर्नाटक बैंक ने भी सफाई देते हुए ग्राहकों की चिंता दूर करने की कोशिश की है. कर्नाटक बैंक ने जमाकर्ताओं को उनके पैसे की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि उसका आधार मजबूत है और उसके पास जरूरत के लिए पूंजी पर्याप्त मात्रा में है.

बैंक ने कहा कि जमाकर्ताओं को घबराने की कोई जरूरत नहीं है. बैंक के प्रबंध निदेशक महाबलेश्वर एम.एस. ने एक बयान में कहा, ‘हम बैंक की आंतरिक नीति के तहत संपत्तियों पर भारित जोखिम के लिए पूंजी पर्याप्तता अनुपात रिजर्व बैंक द्वारा तय सीमा से ऊपर बनाए हुए हैं.’

बता दें कि वित्‍तीय अनियमितता की वजह से 3 अप्रैल तक के लिए YES बैंक पर आरबीआई ने पाबंदी लगा दी है. इसके साथ ही आरबीआई ने बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया था.

 

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button