डोकलाम: विवादित इलाके में लगातार फाइटर प्लैन और हेलीकॉप्टर उड़ा रहा चीन

पिछले साल भारत और चीन के बीच काफी लंबे समय तक चले डोकलाम विवाद के फिर गर्माने की आशंका पैदा हो गई है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक चीन डोकलाम क्षेत्र में पड़ोसी देश भूटान की रॉयल आर्मी के कब्जे वाले इलाके लहारिंग के पास लगातार अपने फाइटर प्लैन और हेलीकॉप्टर उड़ा रहा है. माना जा रहा है वह ऐसा इलाके की टोह लेने के लिए कर रहा है. भारत सरकार की एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर उत्तरी डोकलाम में लगातार उड़ान भर रहे हैं.

हमारे सहयोगी चैनल विऑन की रिपोर्ट के मुताबित सैन्य सूत्रों ने बताया है कि चीन की वायु सेना की इस हरकत को चीन की पीपुल्स लेबरेशन आर्मी का भी समर्थन प्राप्त है. सूत्रों ने बताया कि चीन की सेना डोकलाम के करीब घुसपैठ करने जैसी पेट्रोलिंग कर रही है. जबकि यह क्षेत्र रॉयल भूटान आर्मी का है. डोकलाम के लारिंयोंग, सरिथांग, सिंचुलुंपा और पंगका ला रॉयल क्षेत्र भूटान आर्मी के अधीन हैं. सूत्रों ने बताया कि चीन की सेना ने उत्तरी डोकलाम में फील्ड डिफेंस बना रखा है. वहां पर उन्होंने छोटे-बड़े 25 टेंट लगा रखे हैं. इसके अलावा ये डोका ला स्पर इलाके में कुछ गतिविधियां भी कर रहे हैं. इलाके में चीन के झंडे के साथ वहां की सेना का एक निगरानी पोस्ट भी दिखा है. चीनी सेना के काफिले सिंचे ला के रास्ते डोका ला स्पर की ओर लगातार सैनिक और रसद लेकर जाते दिखे हैं.

दक्षिण अफ्रीका के नये राष्ट्रपति बने सायरिल रामापोसा

पिछले साल भारत-चीन के बीच काफी लंबा चला था विवाद

गौरतलब है कि भूटान के पठार में स्थित डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले साल काफी लंबा विवाद चला था. इस कारण दोनों देश की सेना आमने-सामने आ गई थी. ऐसा चीन के इस क्षेत्र में निर्माण कार्य करने को लेकर हुआ था. भौगोलिक रूप से डोकलाम भारत चीन और भूटान बार्डर के तिराहे पर स्थित है. इसकी भारत के नाथुला पास से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी है. चुंबी घाटी में स्थित डोकलाम सामरिक दृष्टि से भारत और चीन के लिए काफी महत्वपूर्ण है. साल 1988 और 1998 में चीन और भूटान के बीच समझौता हुआ था कि दोनों देश डोकलाम क्षेत्र में शांति बनाए रखने की दिशा में काम करेंगे, लेकिन वहां पर निर्माण कार्य कराने की वजह से भारत को इस विवाद में कूदना पड़ा. भारतीय सेना के कड़ा रुख के बाद चीन की सेना काफी समय बाद विवादित इलाके से वापस लौटी थी.

दरअसल. साल 1949 में भारत और भूटान के बीच एक संधि हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि भारत अपने पड़ोसी देश भूटान की विदेश नीति और रक्षा मामलों का मार्गदर्शन करेगा. साल 2007 में इस मुद्दे पर एक नई दोस्ताना संधि हुई, जिसमें भूटान के भारत से निर्देश लेने की जरूरत को खत्म कर दिया गया और यह वैकल्पिक हो गया. इसी संधि के आधार पर भारत ने अपनी सेना भूटान के क्षेत्र में पड़ने वाले डोकलाम में घुसे चीनी सैनिकों को हटाने के लिए भेजा था.

 
 
 

You may also like

भारत ने रोहिंग्याओं के लिए बांग्लादेश को राहत सामग्री प्रदान की

भारत ने हिंसा के कारण म्यामांर छोड़कर बांग्लादेश में शरणार्थी