धोनी और कोहली की तुलना करते हुए सुरेश रैना ने इन्हें बताया सर्वश्रेष्ठ भारतीय कप्तान

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छह वनडे मैचों की सीरीज में भारत ने चार मैचों में शानदार जीत दर्जकर सीरीज में अपना कब्जा कर लिया है। मंगलवार को पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए मैच में भारत ने 71 रन से शानदार जीत दर्ज की है। सीरीज का आखिरी मैच 16 फरवरी को खेला जाएगा। इसके बाद 18 फरवरी से दोनों देशों के बीच तीन टी-20 मैचों सीरीज होगी। इस सीरीज में एक साल बाद टीम में सुरेश रैना वापसी करने जा रहे हैं। टीम में वापसी और टीम को लेकर सुरेश रैना ने एक दैनिक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में गहन बातचीत की । उस इंटरव्यू के कुछ अंश हम यहां पेश करते हैं।

 कड़ी मेहनत का फल टीम में वापसी

दैनिक हिंदी अखबार ‘दैनिक जागरण’ को दिए गए इंटरव्यू में सुरेश रैना टीम में वापसी को कड़ी मेनहत का फल मानते हैं। अपने साक्षात्कार में रैना ने कहा कि एक साल में हमने दलीप ट्रॉफी,रणजी ट्रॉफी,विजय हरारे ट्रॉफी के साथ-साथ नेशनल क्रिकेट एकदमी बेंगलुरू में कड़ी मेहनत की। इसी का नतीजा है कि टीम में हमारी वापसी हुई है। हमारा पूरा फोकस कड़ी मेहनत और भारतीय टीम में वापसी पर था।

कोच और कप्तान ने किया प्रेरित

सुरेश रैना ने कहा कि पिछले एक साल से मैं टीम से बाहर था। लेकिन इसके बावजूद कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली के संपर्क में लगातार थे। उन्होंने हर वक्त हमें प्रेरित किया। घरेलू प्रतियोगिताओं में बेहतर करने को कहा। टीम में वापसी बेहतर प्रदर्शन के बाद हुई है। मेरे अंदर क्रिकेट की आग है और इसके आगे मैं क्या कर सकता हूं ।

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क्रिकेट के नए जीवन की हुई शुरूआत 

सुरेश रैना से जब यह पूछा गया कि क्या ये आपके लिए टीम में वापसी का आखिरी मौका था ? इस पर बात करते हुए रैना ने कहा कि 31 की बढ़ती उम्र में ऐसी परिस्थितियों में वापसी करना कठिन होता है। लेकिन इन सब बाधाओं के बाद वापसी करना मेरे लिए क्रिकेट के नए जीवन की तरह है।

धोनी और कोहली में कौन बेहतर कप्तान?

धोनी और कोहली में कौन बेहतर कप्तान के सवाल पर सुरेश रैना ने बेबाकी से अपनी बात रखी। दोनों कप्तानों के बारे में बात करते हुए रैना ने कहा कि

“कप्तान दोनों ही हैं। धोनी भाई विकेट के पीछे के कप्तान हैं और विराट कोहली आक्रामक कप्तान हैं। वो विकेट के पीछे रहते हैं तो गेंद कितनी स्विंग होती है इसका अंदाजा लगा लेते हैं। वो विकेट को पूरी तरह से पढ़ लेते हैं और इस मामले में काफी तेज हैं। विराट कोहली आक्रामक कप्तान हैं वो निश्चित तौर पर भारतीय क्रिकेट को आगे ले जा रहे हैं। वो सभी खिलाड़ियों को अपना खेल खेलने को देते हैं। कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया अफ्रीका में बेहतर प्रदर्शन कर रही है।”

  ‘ टी-20 सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहूंगा। वहां कि परिस्थितियों में  जल्द से जल्द
ढलने की कोशिश करूंगा। वहां पहुंचने के बाद टीम की रणनीति के बारे में पता चलेगा। हमें जो भूमिका दी उस पर  अच्छे से काम करूंगा। ‘

फिर हाल सुरेश रैना का फोकस इस समय टी-20 सीरीज पर है। उसके बाद वो आईपीएल और एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद अगले साल इंग्लैंड में होने वाले विश्वकप की टिकट कटाने के लक्ष्य में हैं। रैना का कहना है कि हर एक खिलाड़ी का लक्ष्य विश्वकप में खेलना होता है।

 

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