CM योगी ने अभियंताओं से कहा-आप सभी नियुक्ति पूरी पारदर्शिता, तैनाती में भी न कराना सिफारिश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोक भवन में सिंचाई विभाग के नवनियुक्त 544 सहायक अभियंताओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभियंताओं से कहा कि आप सभी नियुक्ति पूरी पारदर्शिता के साथ हुई है। अब गांठ बांध लें कि तैनाती के लिए भी भविष्य में कभी सिफारिश नहीं कराएंगे। शासन जहां भेजे, वहां बेहतर करने का प्रयास रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपने डिग्री के साथ सैद्धांतिक ज्ञान लिया है, अब इसे व्यावहारिक रूप देकर जनकल्याण करना है। जनता के भरोसे पर हर जगह पर खरा उतरने का ईमानदारी से प्रयास करना, सफलता जरूर मिलेगी। कभी भी नियुक्ति के लिए सिफारिश न करने की बात मन में बैठा लीजिए।
सूबे के सभी नवनियुक्त अभियंताओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज 544 सहायक अभियंता हमारे पास आये हैं। अब अपनी डिग्री का व्यवहारिक प्रयोग कर जनता के लिए बड़ी योजनाओं को बनाकर काम करना होगा। पिछली सरकारों की गंदगी को हटाने का काम एक झटके में करना होगा। इसके साथ ही सीएम योगी ने इन इंजीनियरों को हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि कभी भी नियुक्ति के लिए सिफारिश न करने की बात मन में बैठा लीजिए। सरकार जहां भेजे वहां अच्छे से व ईमानदारी से काम करें।
यह योजना बहुत पहले ही शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन पहले की सरकारों के भ्रष्टाचार के चलते यह कार्यक्रम नहीं चल पाया। मुझे खुशी है कि आज हमारी सरकार ने इस पारदर्शिता की शुरुआत की। अब इस व्यवस्था में किसी को सिफारिश करने की आवश्यकता नहीं पड़ी होगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं के सहारे विरोधी दलों पर भी निशाना साधा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाण सागर योजना को पूरा होने में 40 वर्ष लगे। इससे यह बात तो साफ है कि पिछली सरकारों के एजेंडे से किसान नहीं था। उन्होंने कहा कि लंबित परियोजनाओं को हमने गति दी, जबकि पिछली सरकारों के एजेंडे में किसान थे ही नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद दो लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन की सिंचाई की व्यवस्था हमने की है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या से हमारा पुराना नाता है। पहले वहां देखते थे कि राम की पैड़ी में श्रद्धालु गंदे पानी में स्नान करते थे। सिंचाई विभाग ने इस बार राम की पौड़ी पर बड़ी व्यवस्था दी। पहले सरयू जी का पानी राम जी की पैड़ी में रहता था और सड़ जाता था लेकिन अब एक तरह से पानी आता है और दूसरी तरफ से दोबारा सरयू जी में जाता है। यह आज विभाग की सोच है। हमने ठोस कार्ययोजना बनाई और अब वहां हरिद्वार की गंगा धारा जैसा जल है। योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई परियोजनाएं भी गिनाईं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष बरसात विगत वर्ष से ज्यादा थी लेकिन कोई भी जिला बड़े स्तर पर प्रभावित नहीं दिखा। यह तैयारी विभाग ने पहले से ही की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलशक्ति मंत्रालय के परिवार के रूप में कोई भेदभाव न हो, इसके लिए आज की प्रक्रिया सराहनीय है। 544 सहायक अभियंता पहली बार सिंचाई विभाग को एक साथ प्राप्त हो रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का किसान पूरी दुनिया का पेट भरने का सामर्थ्य रखता है। जरूरत है किसानों को योजनाओं का लाभ देने के साथ ही सिंचाई की समस्या को खत्म करना। पहले की सरकारें किसानों पर ध्यान नहीं दे रही थीं। बाण सागर योजना को पूरा होने में 40 वर्ष लगे, बात साफ है कि पिछली सरकारों के एजेंडे से किसान नहीं था। इस कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी उपस्थित थे।





