बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, दिल्ली में अवैध रूप से चल रही हैं आधे से ज्यादा स्कूल कैब

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यातायात पुलिस अधिकारियों की मानें तो दिल्ली में आधे से ज्यादा स्कूली कैब अवैध रूप से चल रही हैं। ज्यादातर कैब न तो फिटनेस में खरी उतरती हैं और न ही उनके चालक कुशल होते हैं। कैब में बच्चों की सुरक्षा का ध्यान भी नहीं रखा जाता है। स्थिति यह है कि नौ सीट वाली कैब में बच्चे भर दिए जाते हैं। सीएनजी सिलेंडर के ऊपर भी सीट बनाकर बच्चों को बैठाया जाता है। लिहाजा दुर्घटना होने की स्थिति में बच्चों का जीवन खतरे में पड़ जाता है।

बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, दिल्ली में अवैध रूप से चल रही हैं आधे से ज्यादा स्कूल कैब

अवैध रूप से चल रहीं हैं स्कूली कैब 

दिल्ली में बृहस्पतिवार को हुए स्कूल वैन हादसे से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा है। यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में हजारों की संख्या में स्कूली कैब चल रहीं हैं। इनमें से आधे से ज्यादा अवैध रूप से चल रहीं हैं।

ताक पर नियम 

परिवहन विभाग से परमिट लेकर चलने वाली कैब की स्थिति तो फिर भी कुछ ठीक है, लेकिन अवैध कैब पर कोई नियम ही लागू नहीं होता, जबकि एजेंसियों ने छात्रों की सुरक्षा के अंतर्गत कड़े नियम बनाए हैं। यही कारण है कि गत वर्ष परमिट न होने पर यातायात पुलिस ने 153 स्कूली वैन के खिलाफ कार्रवाई की, जबकि यातायात नियम तोड़ने वाले सैकड़ों वैन चालकों का चालान काटा गया। सैकड़ों की संख्या में ऐसी भी कैब का संचालन किया जा रहा है, जो काफी पुरानी हो चुकी हैं, जबकि नियम के मुताबिक दिल्ली में सिर्फ 10 वर्ष की आयु वाली कैब चलाई जा सकतीं हैं।

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यातायात पुलिस की कार्रवाई वर्ष 2017 – 2018 (25 अप्रैल तक)

स्कूल कैब-3807- 895 निजी कैब -566-189

तोड़े गए नियम-वर्ष 2017-2018 (15 अप्रैल तक)

बिना परमिट कैब चलाना -586-103

गलत पार्किग-151-48

खतरनाक तरीके से चलाना-153-30

स्टॉप लाइन पार करना-137-92

सीट बेल्ट नहीं बांधना-1192-253 

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