CBI ने स्वास्थ्य विभाग के 10 अधिकारियों को चिह्नित करते हुए इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज की मांगी अनुमति

एनआरएचएम घोटाले में सीबीआइ ने शासन से स्वास्थ्य विभाग के 10 अधिकारियों को चिह्नित करते हुए इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग सीबीआइ द्वारा इन अधिकारियों पर तय किए गए आरोपों की जांच अपने स्तर से करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अनुमति देने अथवा न देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। 
सीबीआइ के इस कदम से चिह्नित आरोपित अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। उत्तराखंड में एनआरएचम घोटाला लंबे समय से गूंज रहा है। यह मामला सबसे पहले तब सामने आया था जब वर्ष 2010 में रुड़की के एक नाले में बड़ी संख्या में दवाईयां मिली थीं। इस पर विभागीय स्तर से जांच की गई, लेकिन इसका कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला।
यह मामला धीरे-धीरे चलता रहा। कुछ समय बाद यह मामला सूचना आयोग में पहुंचा। आयोग के निर्देश पर शासन स्तर से जांच कराई गई। जांच अधिकारी द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर सहयोग ने देने की भी बात कही गई। इस पर सूचना आयोग ने इसकी जांच सीबीआइ से कराने की संस्तुति कर दी थी।
इस बीच आयोग ने भी इस मामले में विभिन्न स्तरों पर की गई जांच की प्रतियां मुख्य सचिव को उपलब्ध कराते हुए सीबीआइ को भेजने को कहा था। सीबीआइ ने लंबे समय तक इसका अध्ययन करने के बाद अब जांच आगे बढ़ाने को शासन को पत्र लिखा है।
सूत्रों की मानें तो सीबीआइ ने बाकायदा लगभग 10 नामों की एक सूची भी उपलब्ध कराते हुए इन पर मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी है। हालांकि, इनमें से कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस पर शासन अनुमति देने से पहले स्वयं इस मामले का परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है। सचिव स्वास्थ्य एवं गृह नितेश झा ने कहा कि जल्द ही इस मामले में निर्णय ले लिया जाएगा।





