BJP ने कहा- आरक्षण पर मूर्ख बना रही कांग्रेस; सिब्बल बोले- सोचकर बना फॉर्मूला

गांधीनगर.पाटीदार आरक्षण पर कांग्रेस और हार्दिक पटेल के बीच सहमति बनने के बाद बीजेपी हमलावर हो गई। गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने बुधवार को कहा- “कांग्रेस आरक्षण के मुद्दे पर हार्दिक पटेल को बेवकूफ बना रही है। उधर, कांग्रेस ने कहा कि हमने काफी सोच समझकर फॉर्मूला दिया है। संविधान को सामने रखकर ही बातें तय हुई हैं। इससे पहले, हार्दिक पटेल ने समझौते का एलान करते हुए कहा- “आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने हमारी बात मानी हैं। कांग्रेस का फॉर्मूला मंजूर है। सरकार बनने पर कांग्रेस आरक्षण के लिए बिल पास करेगी।”
बीजेपी ने कहा- एक मूर्ख ने अर्जी दी, दूसरे मूर्ख ने मान ली
– गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने कहा- ” कांग्रेस आरक्षण के बहाने पाटीदारों में फूट डालने की कोशिश कर रही है। एक मूर्ख ने दरखास्त की और दूसरे मूर्ख ने उसे मान ली।”
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– शाहनवाज हुसैन ने कहा- “गुजरात के लोग बीजेपी को प्यार करते हैं। गुजरात में कोई भी आ जाए बीजेपी को हरा नहीं सकते।”
– बीजेपी प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि हार्दिक पटेल और कांग्रेस दोनों ही खुद को बेहद कमजोर महसूस कर रहे हैं, इसीलिए दोनों एक दूसरे की बी टीम के तौर पर काम कर रहे हैं और एक दूसरे के लिए बैसाखी बनने में लगे हुए हैं।
कपिल सिब्बल ने कहा- बीजेपी सपने दिखाकर चुनाव जीतना चाहती
– उधर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, “हमने एक सुझाव दिया है। सोच-समझकर ही फॉर्मूला दिया है। संविधान को सामने रखकर ही बातें तय हुई हैं। जो बातें हार्दिक ने हमारे सामने रखी थीं, उसे देखते हुए ही सुझाव दिया। जब बीजेपी ही स्टेंड नहीं करेगी तो सीएम के बयान के क्या मायने होंगे।”
– “मैं तो ये पूछना चाहता हूं कि हार्दिक पर सेडिशन का केस किसने लगाया था? जनता समझ चुकी है कि बीजेपी को संविधान से कोई लेना-देना नहीं है। बीजेपी संविधान पर कुछ न बोले तो बेहतर रहेगा।”
– “एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे तो जीत हमारी ही होगी। बीजेपी तो सपने दिखाकर चुनाव जीतना चाहती है। बीजेपी जो बात करना चाहे वो कर सकती है। जनता जान चुकी है कि इससे कुछ होने वाला नहीं है। जिस भाषा का इस्तेमाल मोदीजी करते थे, विरोध करने वालों की उंगली काटने की बात कही थी, कांग्रेस इस तरह से बात नहीं करती।”
हार्दिक ने कहा- मैंने कांग्रेस से एक टिकट भी नहीं मांगा
– “मैंने कांग्रेस से एक भी टिकट नहीं मांगा। किसी भी पार्टी के बैनर तले प्रचार नहीं करूंगा। मेरी लड़ाई पाटीदारों के आरक्षण के लिए है। हमारे जिस एक साथी को कांग्रेस से टिकट मिला है, उसका विरोध नहीं होगा। हम भी चाहते हैं कि एक अच्छा और ईमानदार आदमी जनता का प्रतिनिधित्व करे। सूरत में हमने, हार्दिक पटेल ने विरोध नहीं किया था, लोगों ने विरोध किया था। कांग्रेस पार्टी अब लोगों की बात सुनने लगी है।”
किस फॉर्मूले पर सहमति बनी?
कौन हैं पटेल-पाटीदार वोटर?
– गुजरात में 19 साल से बीजेपी को सत्ता दिलाने में पाटीदारों की अहम भूमिका है। गुजरात के मौजूदा 182 विधायकों में से 44 विधायक पाटीदार हैं। 20 फीसदी पाटीदार वोटरों का 83 सीटों पर असर है। इन 20 फीसदी पाटीदारों में से 80 फीसदी ने 2012 के चुनाव में बीजेपी को सपोर्ट किया था।
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आरक्षण क्यों मांग रही है पाटीदार कम्युनिटी?
– इस समाज में पिछले कुछ सालों में जॉब और एजुकेशन के क्षेत्र में कमी को लेकर काफी शिकायतें आईं। फिर ओबीसी के तहत 27% आरक्षण की मांग की गई। इसके बाद हार्दिक पटेल की अगुआई में 2015 में बड़ा आंदोलन हुआ।
पाटीदार अहम क्यों?
| पाटीदार वोटरकितने हैं | 20% |
| 20%पाटीदारों में लेउवा कितने | 60% |
| 20%पाटीदारों में कड़वा कितने | 40% |
| 2012में बीजेपी को कितने पाटीदार वोट मिले | 80% |
| बीजेपी के पास कितने पाटीदार विधायक | 182 में से 44 |
| अहम क्यों? | 19 साल से BJP को सत्ता में रखने में भूमिका |





