बड़ा खुलासा: कृष्ण बनकर 16000 लड़कियों से संबंध बनाना चाहता था यह बाबा, खोल रखी थी सेक्स यूनिवर्सिटी

दिल्ली के रोहणी इलाके के विजय विहार एरिया में पांच मंजिल की बिल्डिंग और बिल्डिंग पर लगे आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी के बोर्ड, बाहर से देखने में सुख और शांति का भंडार लगने वाले इस मकान में जब पुलिस पहुंची तो उसने सबसे पहले उन महिलाओं से पूछा जो यहां बाबा के साथ रहती थी। पहले तो महिलाओं ने पुलिस को बहलाने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने पूरे आश्रम की तलाशी ली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद छापा मारने पहुंची पुलिस जिस बिल्डिंग को आध्यात्मित यूनिवर्सिटी मान रही थी वो सेक्स और अवैध कर्मकांड़ का अड्डा निकली।
रोहिणी की इस स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी के नाम से आश्रम चलाने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित खुद को कृष्ण बताता था। हमेशा महिला शिष्यों से घिरे रहने वाले वीरेंद्र ने 16 हजार महिलाओं के साथ संबंध बनाने का टारगेट रखा था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जब पुलिस ने रात के अंधेरे में आश्रम की जांच की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। महिला आयोग और दिल्ली पुलिस की टीम को मिले एक वीडियो में ये खुलासा हुआ है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई से कराने का मन बनाया है।

पुलिस और दिल्ली महिला आयोग की टीम को मिले वीडियो के मुताबिक संचालक वीरेंद्र खुद को कृष्ण बताता और गोपियों के रूप में लड़कियों को संबंध बनाने के लिए राजी करता था। इसके लिए लड़कियों को पांच दिन तक एक कमरे में बंद रखा जाता था। जहां बाबा का वीडियो दिखाकर उनको राजी किया जाता था। डीडब्ल्यूसी अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने बताया कि महिलाओं को नशीली दवाएं दी जाती थीं।

राजस्थान की एक महिला जो पहले वीरेंद्र देव के आश्रम में रह चुकी थी। उसने अपनी चार बेटियों को भी यहीं भेजा था। उनमें एक नाबालिग थी। जिसके साथ बाबा ने रेप किया। जिसके बाद महिला और उसके पति ने बाबा पर रेप का केस दर्ज कराया। बाबा पर रेप समेत कई धाराओं में 11 मामले दर्ज हैं। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
लड़कियों और महिलाओं को बंधक बनाकर सेक्शुअल हैरसमेंट के आरोप के बाद एक एनजीओ ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। कोर्ट ने को महिला आयोग को जांच का आदेश दिया था। कार्रवाई के बाद महिला आयोग की टीम ने बुधवार को हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी। एडिशनल चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर ने कहा कि यह राम-रहीम जैसा मामला हो सकता है। सीबीआई जांच होनी चाहिए।

पुलिस और आयोग की टीम जब आश्रम पहुंची तो पाया की, पांचवी मंजिल में बने ध्यान केंद्र में हर जगह पर नजर रखी जाती है। महिलाओं के सोने की जगह पर भी। ध्यान केंद्र में बगैर परमिशन के कोई नहीं जा सकता। डीडब्ल्यूसी अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने बताया कि यह आश्रम नहीं, छावनी है। हर जगह पर मेटल गेट हैं, जिन पर ताले लगे रहते हैं। वीरेंद्र के शिष्यों ने आश्रम पर रेड मारने पहुंची टीम को एक दायरे से ज्यादा आगे नहीं जाने दिया। टीम ने इसी दायरे में तलाशी ली तो बाबा के अश्लील वीडियो और किताबों समेत कई आपत्तिजनक सामान मिले।





