यहाँ जानें BHU की आंखों देखी पूरी घटना कैसे,कब,क्या हुआ…

वाराणसी.बीएचयू में शन‍िवार देर रात छेड़खानी को लेकर प्रोटेस्ट कर रही छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और आगजनी के बाद सुबह 6 बजे फिर नए सबेरे के साथ लोग जगे। रात में लगी फोर्स के चेंज होने के बाद ड्यूटी पर आई पुल‍िस को एसपी सिटी दिनेश सिंह जरूरी निर्देश देते हुए दिखे। 6:30 बजे के करीब महिला महाविद्यालय से कुछ लड़कियां गेट से बाहर आईं और फोर्स देखकर अंदर चली गईं। उनके बीच चर्चा शुरू हो गई कि कहीं जिनका फोटो, वीडियो वायरल हुआ है उनपर कार्रवाई न हो जाए। कैम्पस में चौराहों, हॉस्टलों पर किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए 8 थानों की फोर्स, 3 कम्पनी पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया गया था। 2500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए गए। 
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आगे पढ़‍िए पूरी घटनाक्रम…

8:00 बजे-सर सुंदर लाल हॉस्पिटल में मरीजों को दिखाने के लिए लोग पहुंचने लगे। शन‍िवार जहां बेटियों पर लाठीचार्ज हुआ था, उस स्थान को देखने की लोगों में ललक थी। लोग आपस में इसकी चर्चा करते दिखे। आने-जाने वालों की नजरें महिला महाविद्यालय की तरफ घूम जा रही थी। क्योंक‍ि यही लड़कियों पर लाठीचार्ज हुआ था।
-बेटियों पर लाठीचार्ज मीड‍िया की सुर्खियां बनते ही लड़क‍ियेां के पैरेंट्स का आना शुरू हो गया। किसने लाठीचार्ज का आदेश दिया, क्या कोई बेटी सुरक्षा की मांग भी शांति से नहीं कर सकता। कुछ पैरेंट्स महिला महाविद्यालय के अंदर जाते और कुछ देर बाद बच्चियों को अपने साथ घर वापस ले जाते दिखे।
9:30 बजे-एक बार फिर मूवमेंट शुरू हुआ। यहां के स्टूडेंट्स ने साइलेंट मार्च निकाला, जो कैम्पस से होता हुआ सिंह द्वार मदन मोहन मालवीय के प्रतिमा पर समाप्त हुआ। सादे वर्दी में पुलिस, इंटेलि‍जेंस के लोग छात्रों के बीच में बातचीत करते नजर आए।
10:15 बजे-इसी बीच ब्रोचा हॉस्टल के पास कुछ उपद्रवियों ने फिर एक ट्रैक्टर में आग लगा दिया। जिसे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीएचयू कर्मियों की सहायता से बुझाया।
11:00 बजे-बीएचयू प्रशासन सर्कुलर जारी क‍ि 2 अक्टूबर तक बीएचयू बंद कर दिया गया है। सभी हॉस्टलों को शाम 4 बजे तक खाली करने का ऑफ रिकॉर्ड फरमान जारी भी जारी कर दिया गया। मालवीय भवन में विश्वविद्यालय के उत्थान करने के साथ-साथ परिसर को अराजक तत्वों से मुक्त करने की शपथ ली गई।
11:30 बजे-छात्र-छात्राएं अपने-अपने घरों के ल‍िए निकलना शुरू कर दिए। हॉस्टल से जा रही छात्राओं के चहरे और बातों से लाठीचार्ज की दहशत आज भी साफ झलक रही थी। कई लड़कियां अपना चेहरा पुलिसकर्मियों के सामने ढंककर निकलती दिखी।
-मूवमेंट की सूचना पर पुलिस ने तत्काल त्रिवेणी संकुल के तीन हॉस्टल गंगा, जमुना और सरस्वती के बाहर फोर्स लगा दिया। महिला कॉन्स्टेबलों की आवाजाही लड़कियों के हॉस्टल में बढ़ने लगी।
दोपहर 1:00 बजे-बीएचयू कैम्पस में छात्र दो गुटों में बंटा नजर आया। एक गुट भगवाधारी था, जो वीसी के समर्थन में बोल रहा था। जिसने यहां के स्टाफ के साथ वीसी समर्थन में निकाले गए मार्च में भी हिस्सा लिया। वही एक गुट वीसी के विरोध में नजर आया, जो लड़कियों के समर्थन में खड़ा दिखा।
1:15 बजे-ये सभी लोग ब्रोचा हॉस्टल से सैकड़ों की संख्या में शांति मार्च निकालते हुए बिरला हॉस्टल चौराहे तक पहुंचे, जहां कई थानों की फोर्स ने इन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। काफी तकरार के बाद ये सभी छात्र सड़क पर ही बैठकर धरना देने लगे। इनकी बातो में मुख्य बात थी क‍ि 3 दिन से चल रहे धरना-प्रदर्शन में वीसी क्यों नहीं आए। हम लोगों की बात सुनते, क्योंक‍ि वही इस कैम्पस के मुखिया हैं।

1:30 बजे-वाराणसी कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण आईजी प्रेम प्रकाश के साथ महिला महाविद्यालय के पहुंचे, जहां शन‍िवार रात लाठीचार्ज हुआ था। यहां गेट बंद कर उन्होंने करीब 1 घंटे रुककर हॉस्टल के वार्डन और छात्राओं से जानकारी लिया। बातचीत में लड़कियों ने उन्हें हॉस्टल खाली करने की बात बताई, जिसपर उन्होंने उन्हें कहा जो नहीं जाना चाहती हैं उनसे हॉस्टल खाली नहीं कराया जाएगा। बाहर निकलने के बाद उन्होंने बताया, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है,जो भी दोषी होगाउसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
5:00 बजे- बीएचयू के प्रोफेसर, अधिकारी, कर्मचारि‍यों ने वीसी के समर्थन में कैंडल मार्च मालवीय भवन से सिंह द्वार तक निकाला। इस मार्च को प्रोफेसरों ने शुक्रवार की रात अराजक तत्वों द्वारा मालवीय प्रतिमा पर कालिख पोतने के विरोध में बताया।
-वही दूसरी तरफ, कांग्रेस के प्रदेश राज बब्बर के नेतृत्व में एनएसयूआई ने लाठीचार्ज के विरोध में शांति मार्च निकालने की तैयारी करने लगे। पुलिस ने सिंह द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करती दिखी। डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय और काशी विद्यापीठ को सोमवार को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया।
5:30 बजे- बीएचयू ने प्रशासन ने रिजील जारी कर हॉस्टल खाली कराने की बात का खंडन किया। शाम होते ही कैम्पस में प्रोटेस्ट कर रहे दर्जनो छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और गिलट बाज़ार में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को हिरासत में ले लिया। वो एनएसयूआई और दूसरे संगठनों के साथ पीस मार्च में शामिल होने जा रहे थे। सपा, कांग्रेस और आप पार्टी के लोगों ने मालवीय प्रतिमा सिंह द्वार से मार्च निकाला, जो रविदास गेट तक गया।

ऐसे हुई घटना की शुरुआत

– दरअसल, गुरुवार यानी 21 स‍ितंबर की रात बीएचयू कैंपस में भारत कला भवन के पास ऑर्ट्स फैकेल्टी की एक गर्ल स्टूडेंट के साथ तीन लड़कों ने छेड़खानी की थी। शोर मचाने पर भी 20 मीटर दूर खड़े सिक्युरिटी गार्ड्स ने कोई मदद नहीं की थी।
– विक्टिम ने हॉस्टल में आकर वार्डेन से शिकायत की। इसके साथ ही उसने चीफ प्रॉक्टर को भीसूचना दी। इसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।
– बीएचयू की गर्ल्स स्टूडेंट्स शुक्रवार सुबह यानी 22 स‍ितंबर को बीएचयू के मेन गेट पर प्रोटेस्ट करने पहुंची। उनका आरोप है कि छेड़खानी की शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
– शनिवार-रविवार की रात अचानक स्टूडेंट्स पर पुलिस लाठीचार्ज के बाद हालात बिगड़ गए। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे यूनिवर्सिटी के लड़के-लड़कियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और टू-व्हीलर्स फूंक दिए।
-मामला बढ़ने पर भारी पुलिस फोर्स बीएचयू कैंपस में घुस गई और हंगामा कर रहे स्टूडेंट्स को आने से रोका। वहीं, उपद्रव कर रहे स्टूडेंट्स को खदेड़ने के लिए पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई। लाठीचार्ज और भगदड़ में तीन स्टूडेंट जख्मी हुए हैं। फिलहाल बीएचयू छावनी में तब्दील हो गया है। भारी संख्या में पुलिस कैंपस और बीएचयू गेट पर मौजूद है।

वीसी ने कहा- हाई लेवल कमेटी देगी एक हफ्ते में र‍िपोर्ट

-बीएचयू के वीसी जीसी त्रिपाठी ने मामले की नैतिक जिम्मेदारी ले ली है। उन्होंने कहा, ”मैं छात्राओं के प्रोटेस्ट में जाकर मिलना चाहते थे। मुझे पता चला क‍ि वहां महामना का अपमान हो रहा है और बाहरी लोग धरना-प्रदर्शन में शामिल हैं। इसलिए मैं वहां नहीं गया। हमने इस घटना के ल‍िए हाई लेवल कमेटी बनाई है, जो इस घटना की पूरी रिपोर्ट एक हफ्ते में देगी।”
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