ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संघ ने स्मिथ, वॉर्नर की सजा कम करने की मांग की

ऑस्टेलिया क्रिकेट संघ (एसीए) ने गेंद से छेड़खानी मामले में प्रतिबंध झेलने वाले पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरुन बेनक्रॉफ्ट की सजा को कम कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फिर से खेलने देने की मांग की. यह मामला केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम पर इस साल मार्च में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को गेंद पर रेगमाल रगड़ते पाया गया था. इसके बाद तत्कालीन कप्तान स्मिथ, उपकप्तान वॉर्नर और बल्लेबाज बेनक्रोफ्ट पर प्रतिबंध लगाया गया जबकि कोच डेरेन लीमैन ने इस्तीफा दे दिया.ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संघ ने स्मिथ, वॉर्नर की सजा कम करने की मांग की

क्रिकेट खिलाड़ियों के इस संगठन ने सोमवार को यहां कहा कि खिलाड़ियों ने ऐसा दबाव में किया था. एक स्वतंत्र जांच समिति ने इसकी जांच के बाद बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने खिलाड़ियों पर किसी भी कीमत पर जीत का दबाव बनाया था. एसीए के अध्यक्ष और पूर्व टेस्ट विकेटकीपर ग्रेग डायर ने कहा, ‘‘दक्षिण अफ्रीका में जो हुआ वह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की संस्कृति और कार्यप्रणाली का नतीजा है जिसने खिलाड़ियों को किसी भी कीमत पर जीतने का दबाव बनाया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी जांच की निष्पक्षता के लिए यह जरूरी है कि खिलाड़ियों को ऐसा करने पर मजबूर करने वाले कारणों पर ध्यान दिया जाए और खिलाड़ियों की सजा कम की जाए. स्मिथ, वॉर्नर और बेनक्राफ्ट को मिले कठोर सजा पर फिर से विचार करना चाहिए.’’

समीक्ष रिपोर्ट में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर लगाए गए गंभीर आरोप
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) पर स्वतंत्र समीक्षा रिपोर्ट में बड़े आरोप लगाए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीए ने ‘हर हाल में जीत’ का माहौल तैयार किया, जिसके कारण बाद में जाकर बॉल टैम्परिंग जैसे कृत्य को बढ़ावा मिला. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एथिक्स सेंटर की ओर से की गई एक समीक्षा में सीए को अहंकारी और नियंत्रक करार दिया गया है. इसके अलावा, इस समीक्षा रिपोर्ट में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उसने ‘हर हाल में जीत’ हासिल करने वाला माहौल बना दिया था और इस कारण ही बॉल टैम्परिंग जैसा क्रिकेट को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया और इस कारण न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया में बल्कि पूरी दुनिया में इस लोकप्रिय खेल जगत की छवि धूमिल हुई.

एथिक्स सेंटर की समीक्षा में यह सुझाव भी दिया गया है कि खेल की नैतिकता को शाकी निकाय द्वारा बरकरार रखे जाएं, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. उल्लेखनीय है कि मार्च में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया टीम बॉल टैम्परिंग के कारण विवादों में घिरी थी. इसमें कप्तान स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगा था, वही कैमरून बैंक्रॉफ्ट को नौ माह के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था. 

ऐसे में एथिक्स सेंटर द्वारा की गई समीक्षा के लिए खिलाड़ियों के साथ साक्षात्कार किया गया और सर्वेक्षण भी किए गए. सर्वेक्षण के दौरान एक व्यक्ति ने कहा, “जब कोई स्थिति सीए के पक्ष में नहीं होती, तो वह उस स्थिति को संभाल नहीं पाता है. ऐसे में वे धमकाने वाली रणनीति अपनाते हैं या इससे भी बुरा व्यवहार करते हैं.” समीक्षा में कहा गया, “सीए पर सबसे बड़ा आरोप यह है कि संगठन स्वयं के अलावा किसी अन्य का सम्मान करना नहीं जानता है.” इस समीक्षा के रिलीज होने के बाद कई खिलाड़ियों का कहना था कि वह इस खेल का सम्मान करते हैं और सभी ऑस्ट्रेलिया निवासियों को गौरवांन्वित करना चाहते हैं.

अधिकारियों की ढील से बढ़ी बॉल टैम्परिंग : स्टीव वॉ 
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बॉल टैम्परिंग के मामले में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट जगत की छवि पर दाग लगा दी थी और इस कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों की आलोचनाएं भी हुई थीं. इस मामले पर अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ के बयान के बाद एक नया मोड़ आ गया है. वॉ का कहना है कि अधिकारियों की ओर से हुई ढील के कारण बॉल टैम्परिंग ने इतना बड़ा रूप लिया है. 

वेबसाइट ‘ईएसपीएन’ की रिपोर्ट के अनुसार, वॉ का कहना है कि बीते समय में बॉल टैम्परिंग की घटनाओं पर अधिकारियों द्वारा सख्त रूप से कदम न उठाए जाने के कारण खिलाड़ियों को इतनी छूट मिली. इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा बॉल टैम्परिंग के कृत्य को बेवकूफी और हास्यास्पद करार दिया. 

वॉ ने कहा, “ऐसा करना शर्मनाक है लेकिन मेरा मानना है कि अधिकारियों की ओर से दी गई ढील के कारण यह घटना हुई. बीते समय में कई कप्तान ऐसे रहे हैं, जिन्होंने बॉल टैम्परिंग की है लेकिन उन्हें बेहद कम सजा मिलती थी. ऐसे में किसी भी छोटी गलती में कोई सजा नहीं दी जाती थी. इसी ढील और आजादी के कारण बॉल टैम्परिंग जैसा मुद्दा नियंत्रण के बाहर हो गया.”

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ, उप-कप्तान डेविड वॉर्नर और गेंदबाज कैमरून बेंक्रॉफ्ट ने सैंड पेपर का इस्तेमाल कर गेंद के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की थी. बॉल टैम्परिंग के लिए स्मिथ और वॉर्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था, वहीं बेंक्रॉफ्ट पर नौ माह का प्रतिबंध लगाया गया. 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों द्वारा की गई बॉल टैम्परिंग की हरकत को बेवकूफी और हास्यास्पद करार देते हुए वॉ ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने इस हरकत के कारण पिछले कुछ वर्षो में बने वातावरण में वास्तविकता से साथ अपना संपर्क खो दिया. इस कारण पूरे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की छवि पर दाग लग गया. स्मिथ ने कहा कि वह इस गलती को नहीं दोहराएंगे, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है. इसी गलती के कारण एक व्यक्ति की उनके प्रति असल सोच के साथ स्मिथ ने अपना संपर्क खो दिया.”

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