किसानों ने भले ही शांतिपूर्वक गांव बंद आंदोलन करने का एलान किया हो, लेकिन पुलिस-प्रशासन के साथ सरकार के नुमाइंदों के धड़कनें बढ़ी हुई हैं। गुस्र्वार को दिनभर किसानों के साथ पुलिस-प्रशासन और सरकार सक्रिय रही। कहीं आंदोलन से निपटने के इंतजाम चलते रहे तो कहीं किसानों को मनाने की कोशिशें।

भोपाल व आसपास : सिंधिया ने गुना में आंदोलन को ठहराया सही

गुना में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनसभा कर किसान आंदोलन को सही ठहराया। जबकि भाजपा नेता अनूप मिश्रा ने किसान आंदोलन को कांग्रेस के अरुण यादव, सिंधिया, कमलनाथ व दिग्विजय सिंह की गुटबाजी का कारण बताया। सीहोर में किसान नेताओं ने घर-घर जाकर पर्चे बांटे।

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर शुक्रवार को किसानों के आंदोलन के समर्थन में नगर के बाल विहार मैदान में सभा करेंगी। सागर में किसान संगठनों का कोई नेता अभी सामने नहीं आया है। होशंगाबाद और रायसेन जिले में भारतीय किसान मजदूर संघ आंदोलन को लेकर सक्रिय है।

संघ के नेता कक्का जी होशंगाबाद के पिपरिया, बनखेड़ी, सिवनी मालवा और रायसेन जिले के उदयपुरा, बरेली व भारकच्छ में किसानों के बीच पहुंचकर आंदोलन की तैयारी में जुटे हुए हैं। राजगढ़ जिले में पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। बैतूल, छिंदवाड़ा और हरदा जिले में भी किसान आंदोलन से निपटने के लिए पुलिस सतर्क है।

ग्वालियर-चंबल : आंदोलन की हलचल नहीं, पुलिस-प्रशासन पूरी तरह तैयार

ग्वालियर-चंबल अंचल के जिलों का प्रशासन तो पूरी तरह तैयार है लेकिन किसानों में इस आंदोलन को लेकर 24 घंटे पहले तक कोई सुगबुगाहट नजर नहीं आ रही है। शिवपुरी में भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष बंटी यादव का कहना है कि जिले में किसानों का कोई आंदोलन संगठन की ओर से नहीं किया जा रहा है।

महाकोशल-विंध्य : प्रशासन अलर्ट, किसान मौन

महाकोशल-विंध्य क्षेत्र में तैयारियों को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं देखने मिली है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। उमरिया, कटनी, सतना, मंडला, सिंगरौली, रीवा, बालाघाट में किसान संगठन पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं।

डिंडौरी में कांग्रेस किसान संघ समनापुर में प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर प्रशासन गांव-गांव जाकर किसानों की बैठक कर उन्हें समझाइश दे रहा है। बाकी अन्य जिलों में भी तैयारियां सामान्य हैं।