रूस में खेले जा रहे 21वें फीफा विश्व कप की शुरुआत बेहद चौंकाने वाली हुई है। अब तक हुए मैचों में कई उलटफेर देखने को मिले, तो कुछ मौकों पर छोटी टीमों ने बड़ी टीमों को बराबरी पर रोककर वाहवाही लूटी। कुल मिलाकर इस बार छोटी टीमों के प्रदर्शन ने फुटबॉल के चाहने वालों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

रूस ने मनवाया लोहा : विश्व कप का उद्घाटन मैच मेजबान रूस और सऊदी अरब के बीच था। हालांकि, सऊदी अरब (67) रैंकिंग में रूस (70) से आगे है। इसके बावजूद रूस ने न सिर्फ सऊदी अरब को हराया, बल्कि डेनिस चेरीशेव के दो गोलों की बदौलत 5-0 से प्रभावी जीत दर्ज की। रूस ने अपने अगले मैच में कहीं बेहतर रैंकिंग वाली मिस्र (45) की टीम को भी 3-1 से हराकर अपना लोहा मनवाया।

मिस्त्र भी पीछे नहीं : रूस से हारने से पहले मिस्र ने अपने पहले मैच में जोस गिमिनेज के अंतिम क्षणों में किए गए गोल की बदौलत दो बार की विश्व चैंपियन और अपने से बेहतर रैंकिंग की टीम उरुग्वे (14) को 1-0 से हराकर सनसनी फैलाई।

आइसलैंड ने किया उलटफेर : रैंकिंग में 22वें पायदान पर काबिज आइसलैंड की टीम पहली बार विश्व कप खेल रही है। पहले ही मैच में उसका सामना दो बार की चैंपियन और पिछली बार की उप विजेता अर्जेंटीना से था जो पांचवीं रैंकिंग पर काबिज है। सभी को उम्मीद थी कि मैसी मैजिक के दम पर अर्जेंटीना आसानी से जीतेगा, लेकिन अर्जेंटीना के लिए 333,000 आबादी वाले देश आइसलैंड की टीम के डिफेंस तो भेदना चुनौती बना रहा और यह मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। इस ड्रॉ में मैसी की चूक भी शामिल रही, लेकिन इससे आइसलैंड के प्रदर्शन को कमतर नहीं आंका जा सकता। यही वजह रही कि ड्रॉ के बावजूद विशेषज्ञों ने इसे अर्जेंटीना की हार माना।

उलटफेर का दिन : 17 जून इस विश्व कप में उलटफेर का दिन साबित हुआ। इस दिन तीन मुकाबले हुए और तीनों के नतीजे चौंकाने वाले रहे। पहले मैच में 34वीं रैंकिंग की सर्बिया ने 23वीं रैंकिंग की कोस्टा रिका को 1-0 से हराया। दूसरे मैच में गत विजेता और शीर्ष रैंकिंग पर काबिज जर्मनी का सामना 15वीं रैंकिंग की मेक्सिको से था। मैक्सिको ने चार बार की विजेता जर्मनी को 1-0 से हराकर सबसे बड़ा उलटफेर किया। 1982 के बाद से यह पहला मौका था जब जर्मनी को विश्व कप में अपने पहले मैच में ही हार मिली। जर्मन टीम इस हार से इतनी बौखलाई कि उसने मीडिया का बहिष्कार तक कर डाला। दिन का तीसरा मैच पांच बार की चैंपियन और दूसरी रैंकिंग की ब्राजील और छठी रैंकिंग की स्बिट्जरलैंड के बीच हुआ, जो 1-1 से ड्रॉ रहा।

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जापान व सेनेगल का दम : 61वीं रैंकिंग की टीम जापान ने अपने पहले मैच में ही 16वीं रैंकिंग की कोलंबिया को 2-1 से हराकर उलटफेर किया। जापान विश्व कप में किसी दक्षिण अमेरिकी टीम को हराने वाली पहली एशियाई टीम बनी। वहीं, 27वीं रैंकिंग की टीम सेनेगल ने भी आठवीं रैंकिंग पर काबिज पोलैंड को भी 2-1 से चौंकाया।