सर्पदंश से आया गुस्सा तो सांप को ही काट खाया, फिर लेकर पहुंचा जार में अस्पताल
सीतामढ़ी। सांप तो कई लोग पकड़ते हैं, लेकिन उनका काम जरा हटकर है। वे तीन साल से सांपों को पकड़कर बस्ती से दूर ले जाकर छोड़ देते हैं। अभी तक वे दर्जनों सांप पकड़कर छोड़ चुके हैं। लेकिन, सोमवार को दुर्घटना हो गई। पकड़ते वक्त सांप ने काटा तो उन्होंने भी गुस्से में सांप को काट लिया। फिर, सांप के साथ ही अस्पताल जा पहुंचे, जहां उनका ईलाज हो रहा है। घटना सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड अंतर्गत लगमा गांव निवासी रामाशंकर महतो (40) के साथ हुई।
जानकारी के अनुसार, पेशे से राजमिस्त्री रामाशंकर तीन साल से सांप पकड़ते आ रहे हैं। गांव में जब भी किसी के घर में सांप दिखता है, उनकी खोज होती है। वे सांप को पकड़कर दूर ले जाकर सरेह में छोड़ देते हैं। सोमवार की सुबह गांव के राजेश कुमार के घर में सांप निकला। रामाशंकर ने उसे पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। इसके बाद दोपहर में मोतीलाल महतो के घर में सांप निकलने की सूचना पर वे पहुंचे।
उन्होंने सांप को पकड़ लिया, लेकिन असावधानी के कारण सांप ने उनके दाएं हाथ के अंगूठा में डंस लिया। सांप के काटने पर रामाशंकर को गुस्सा आ गया। उन्होंने सांप को फन के नीचे एक जगह दांत से काट लिया। फिर, उसे एक जार में डालकर अस्पताल जा पहुंचे। वहां डॉक्टर ने उन्हें खतरे से बाहर बताया। घायल सांप भी ठीक है। विदित हो कि रामाशंकर के लिए सांप पकड़ना शगल है। वह अब तक वे दर्जनों सांप पकड़ चुके हैं। उनकी शादी करीब 13 वर्ष पूर्व हुई है। उन्हें चार बेटियां हैं। परिवार के लोगों को उनके इस शगल से कोई आपत्ति नहीं है।





