देश का एक ऐसा इलाका जहां युवाओ को जिंदा रखने के लिए सरकार कर रही है अजीबो-गरीब काम

कानून की नजर में अफीम का कारोबार बेशक अपराध की श्रेणी में आता हो लेकिन हिमाचल में ऐसे लोग भी हैं जिन्हें जिंदा रखने के लिए सरकार से अफीम मिलती है। इस नशे के आदी व्यक्तियों को सरकारी दाम पर सरकार ही अफीम मुहैया करवाती है, लेकिन यह अफीम उन्हीं लोगों को ही दी जाती है जिन्हें डॉक्टर प्रमाण पत्र जारी करता है।
हर जिले के उपायुक्त कार्यालय में इसके लिए बाकायदा अलग से ब्रांच गठित की गई है। राज्य में ऐसे सैकड़ों मामले बताए गए हैं, जिन्हें सरकार से अफीम का निर्धारित कोटा उपलब्ध करवाया जाता है। अफीम के ये आदी जिंदा रहने के लिए सरकार के रहमोकरम पर टिके हैं। नियमित नशा न मिलने की सूरत में सीधे मौत से सामना होगा। सुनने में यह बात बेशक अटपटी लग रही हो लेकिन है सोलह आने सच।

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हिमाचल की जवानी को बर्बादी के कगार पर पहुंचा चुका है। युवाओं में सभी प्रकार के मादक द्रव्य पदार्थों का प्रचलन बढ़ गया है। चरस से लेकर अफीम और चिट्टा तक का चलन ज्यादा हो गया है। इंजेक्शन के सहारे भी शरीर में धीमा जहर फैलाया जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है इस साल चार महीने में ही पुलिस ने नशीले पदार्थों के 235 इंजेक्शन बरामद किए।

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