बोधगया.गया से आतंकी के पकड़ जाने के बाद अतिसंवेदनशील महाबोधि मंदिर परिसर की सुरक्षा को जवानों को अलर्ट मोड में कर दिया गया है। सात जुलाई 2013 में आतंकी कार्रवाई झेल चुके महाबोधि मंदिर की सुरक्षा अब बीएएमपी जवानों के हाथों में है। सुरक्षा को लेकर बीच-बीच में मॉक ड्रिल भी होती है। दो माह पहले एंटी टेररिस्ट स्क्वायड(एटीएस) व नेशनल सेक्युरिटी गार्ड(एनएसजी) के अधिकारियों ने भी मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की थी।
– मंदिर की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को डीएम व बुधवार को एसएसपी ने निरीक्षण किया था। लगातार व औचक जांच से अलर्टनेस बना रहता है। महाबोधि मंदिर में अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) के जवानों की तैनाती होनी है। उनके आवासन के लिए जगह की तलाश पूरी हो चुकी है। 150 से 200 जवानों की तैनाती होनी है।
पितृपक्ष पर विशेष सुरक्षा
पितृपक्ष की भीड़ को देखते हुए एसएसबी के आठ अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। बम व डॉग स्क्वायड भी तैनात हैं, जो प्रात: सात बजे व अपराह्न 12 बजे मंदिर परिसर की जांच करते हैं।
प्रतिबंधित है गजट
महाबोधि मंदिर की सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था है। परिसर में इलेक्ट्रॉनिक सामानों का प्रवेश वर्जित है। रसीद कटवाने पर सुरक्षा जांच के बाद कैमरा की अनुमति है, लेकिन मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रानिक गजट प्रतिबंधित है।
कहते हैं डीएसपी
महाबोधि मंदिर सुरक्षा के डीएसपी रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सुरक्षा पहले से ही कड़ी है। अधिकारियों का निर्देश भी है। संदिग्ध आतंकी के पकड़े जाने के बाद अलर्ट मोड में हैं। 24 घंटे किसी भी स्थिति के लिए जवान तैयार रहते हैं।