सरकारी डाटा के अनुसार: रोजाना 56 यात्रियों की जान लेती हैं भारतीय सड़कें

इसी तरह दुपहिया वाहन चालकों की होने वाली मौत की बात करें तो इस सूची में तमिलनाडु का नाम 6,329 मौतों के साथ सबसे ऊपर है। वहीं उत्तर प्रदेश में यह संख्या 5,699 और महाराष्ट्र में 4,659 है। हाल ही में परिवहन सचिव वाइएस मलिक ने कहा था कि दूसरों देशों की तुलना में भारत में बाइक सवारों को हेय दृष्टि से देखा जाता है। पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए फुटपाथ पर अकसर दुकान वाले या फिर लोग अपनी गाड़ियां खड़ी करके कब्जा कर लेते हैं, जिसकी वजह से पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है।
इस बारे में अंतरराष्ट्रीय सड़क फाउंडेशन के केके कपिल का कहना है, ‘दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में असुरक्षित सड़कों की वजह से लोगों के मरने का स्वरूप एक जैसा है। ऐसे में यह जरूरी है कि इसका कोई समाधान निकाला जाए, जिससे कि पैदल चलने वाले, साइकिल सवार और बाइक चालक भी सड़क पर सुरक्षित और बिना किसी डर के चल सकें। जरूरत है कि पैदल चलने वालों को अन्य लोगों से अलग रखा जाए।’ सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने दुपहिया वाहनों के सभी मॉडलों में अप्रैल 2019 से एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम लगाने को जरूरी कर दिया है





