40 हजार में बेची गई युवती, वापस आने के बाद मिली चौकाने वाली जानकारी
रांची : दिल्ली में 40 हजार रुपये में बेची गई युवती ने वापस लौटने के बाद कई चौंकाने वाली जानकारी दी है। इस बीच, पता चला है कि मांडर के चूंद गांव की युवती सुनीता टोप्पो को परिजन और गांव वाले मरा हुआ समझ रहे हैं, वह दिल्ली में ही बंधक बनी है। उसे उसी जगह पर बंधक बनाकर रखा गया है, जहां से रातू की नाबालिग भाग कर रांची पहुंची थी। सोमवार को समाजिक कार्यकर्ता राहुल सम्राट के साथ जया मांडर के चूंद गांव पहुंची। वहां नाबालिग ने उस युवती की मां से मिलकर पूरी जानकारी दी।
बेटी के सही सलामत होने की जानकारी मिलते ही परिजनों व ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। मां ने अपनी बेटी को वापस लाने की गुहार लगाई है। उसकी मां ने कहा कि वह बेटी को मरा हुआ समझ कर संतोष कर चुकी थी। लेकिन उसके सही सलामत होने और बंधक होने की जानकारी मिलने के बाद बेटी को वापस लाना चाहती है। उसने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। मां ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले ही उसकी बेटी गायब हुई है। कहीं अता-पता नहीं चला। हिम्मत हारकर ढूंढना छोड़ चुकी थी।
खुद लौटकर तीन और बच्चियों को छुड़ा चुकी है
रातू की नाबालिग बेटी ने साहस का परिचय दिया है। 14 जून को नाबालिग लौटकर रांची आई है। अपने साथ तीन और बच्चियों को छुड़ाकर लाई है। उसे दिल्ली के रजौरी गार्डेन के एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया था। वापस लौटने के बाद उन्हें बेचने वाली ट्रैफिकर सुषमा और उसके एक सहयोगी के खिलाफ रातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
ट्रैफिकर सुषमा पंडरा फ्रेंड्स कॉलोनी की रहने वाली है। अक्टूबर 2017 में उसने रातू की नाबालिग को दिल्ली ले जाकर बेच दिया था। नाबालिग को पंजाबी बाग के दो मंजिले मकान में रखा गया था, जहा तीन और लड़किया प्रताड़ना भरी जिंदगी जी रही थीं। 14 जून को वह ग्रिल पकड़ कर किसी तरह नीचे आई। इसके बाद बारी-बारी से तीनों को लड़कियों को भी नीचे उतरवाया। तीन दिन बाद चारों किसी तरह छिपते-छिपाते ट्रेन से 17 जून को राची पहुंचीं। वह रिश्तेदार सरजू नागार्ची के माध्यम से बेची गई थी।





