सुहागरात से एक दिन पहले ही बच्‍चे को जन्‍म देने वाली दूल्‍हन का सच जानकर लोगों के उड़ गए होश

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जैसा कि हम सभी जानते हैं कि शादी के बाद हर लड़की अपने मायके को छोड़कर ससुराल विदा हो जाती है। वहीं ससुराल में हर लड़की के आते ही उसके मन में कई सवाल होते हैं और नए जीवन को लेकर आशंकाएं भी रहती हैं। ये तो हर लड़की के साथ होता है। लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो जाएगा। इस मामले में हर लड़की की तरह एक लड़की शादी के सात फेरे लेने के बाद अपने ससुराल आती तो है लेकिन उसके बाद ससुराल आने के कुछ ही घंटों बाद उस दुल्‍हन ने बच्‍चे को जन्‍म दे दिया। इस मामले से हैरान होकर ससुराल वालों ने जब पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।

सुहागरात से एक दिन पहले ही बच्‍चे को जन्‍म देने वाली दूल्‍हन का सच जानकर लोगों के उड़ गए होशजिसके बाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि ससुराल पक्ष को बहू के गर्भवती होने की जानकारी थी, लेकिन विदाई के दिन ही प्रसव पीड़ा होने लगेगी और रिश्तेदारों के सामने ही बच्चा पैदा हो जाएगा इस बात का जरा भी अंदाजा उन्‍हें नहीं था। लेकिन बारात के लौटने के बाद ही ससुराल पक्ष वालों ने ऐसे अंजान बनने का नाटक किया कि जैसे उन्‍हें इसके बारे में कुछ पता ही नहीं था। वो सभी के सामने शर्मिंदा हो चुके थें।

वहीं इसके साथ ही इस शादी को लेकर मोहल्‍ले में ये भी चर्चा हो रही थी कि लडक़ी के शादी के पहले गर्भवती होने और गर्भपात की मियाद निकलने के बाद लडक़ी के परिजनों ने मोटे दहेज का लालच देकर ये रिश्ता जोड़ा था लेकिन तय रकम से कम पैसे मिलने के कारण नाराज ससुराल वालों को विदाई के दिन ही बच्चा पैदा होने के बाद रिश्ता तोडऩे का बहाना मिल गया। वहीं ये भी बताया जा रहा है कि पुलिस को भी दम नजर आया शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच करने पहुंची तो कान में मोहल्ले की चर्चा पड़ी। जिसके बाद लोगों ने बताया कि जो लड़की दूल्‍हन बनकर आई थी उसकी डिलीवरी नौ महीने के बजाय आठ महीने में डिलेवरी हो गई। इसी कारण बना-बनाया सारा मामला बिगड़ गया।

लेकिन जांच पड़ताल में लडक़ी के ससुराल पक्ष के करीबी से पता चला कि शादी के बाद बहू को लडक़े के साथ दूसरे शहर भेज दिया जाता। एक साल बाद लौटने पर बेटा होने की जानकारी परिजनों को भेजी जाती। इसके बाद बहू को मायके भेज दिया जाता। कुछ महीने बाद बहू लौटती तो कोई सवाल नहीं उठता। दो साल के बेटे को सवा साल का बतासा जाता जिससे कोई सवाल भी नहीं उठेगा। इस तरह से सबकुछ प्‍लान किया गया था लेकिन सबकुछ उल्‍टा हो गया।

लेनिक पुलिस को इन बातों पर यकीन कर पाना मुश्किल था क्‍योंकि आठ या नौ महीने का गर्भ शादी के फेरों के समय बहू का पेट क्‍यों नहीं दिखा। फिल्‍हाल इस मामले को लेकर थाने में पंचायत जारी है समझौते की कोशिश के लिए दोनों पक्षों के रिश्तेदार जुटे हैं। वहीं ये सब होने के कारण विधि विधान के साथ हुई शादी तो जरूर हुई लेकिन बहु का स्‍वागत सही से नहीं हो पाया था। शादी के कुछ ही समय बाद ही दुल्हन की तबीयत बिगड़ गई थी ।

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