रनवे से टर्मिनल तक बड़ा बदलाव: 12 साल में कैसे बदल गया जम्मू एयरपोर्ट?

जम्मू एयरपोर्ट ने पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचे यात्री सुविधाओं और हवाई संपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। एयरपोर्ट निदेशक देवेंद्र यादव ने शनिवार को बताया कि 2014 के बाद से एयरपोर्ट की क्षमता और सुविधाओं में लगातार विस्तार हुआ है, जिससे यह उत्तर भारत के महत्वपूर्ण हवाई केंद्रों में और मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में निर्माणाधीन नया टर्मिनल भवन लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे वर्ष के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता बढ़कर लगभग 50 लाख यात्रियों प्रतिवर्ष हो जाएगी।

देवेंद्र यादव ने कहा कि 2014 में जम्मू एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता करीब 10 लाख थी, जो अब बढ़कर 26 लाख हो चुकी है। टर्मिनल का क्षेत्रफल भी 7,000 वर्गमीटर से बढ़कर 14,500 वर्गमीटर हो गया है। नया टर्मिनल बनने के बाद कुल क्षेत्रफल लगभग 40,000 वर्गमीटर तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने बताया कि विमान पार्किंग क्षमता भी सात से बढ़कर 13 स्टैंड हो गई है। वर्ष 2021 में रनवे का विस्तार किया गया जिससे एयरबस ए321 जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सका। साथ ही कम दृश्यता में विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए लैंडिंग प्रणाली को भी उन्नत किया जा रहा है।

एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए एयरोब्रिज, मुफ्त वाई-फाई, डिजीयात्रा सुविधा और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सहायता जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नए टर्मिनल में छह एयरोब्रिज सहित कई आधुनिक सुविधाएं होंगी।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्नत निगरानी प्रणाली अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम और इंटीग्रेटेड पेरिमीटर सिक्योरिटी सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा घरेलू कार्गो टर्मिनल, हेलीकॉप्टर पार्किंग स्टैंड और सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

अमरनाथ यात्रा और श्रीनगर एयरपोर्ट के कुछ दिनों के लिए बंद रहने की संभावना को लेकर उन्होंने कहा कि जम्मू एयरपोर्ट अतिरिक्त यात्री दबाव संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है। वर्तमान क्षमता के मुकाबले अभी पर्याप्त अतिरिक्त जगह उपलब्ध है। उधमपुर में प्रस्तावित नए सिविल एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की उड़ान (उड़ान) योजना का हिस्सा है और इसके शुरू होने से जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।

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