माइनस तापमान और हिमस्खलन के बीच बीआरओ का बड़ा अभियान सफल

प्रोजेक्ट हिमांक ने बड़े पैमाने पर बर्फ हटाने अभियान चलाकर लेह-मनाली मार्ग पर एनएच-03 को सर्चू तक फिर से यातायात के लिए खोल दिया। कठिन मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन जैसी चुनौतियों के बीच बीआरओ की टीमों ने लगातार काम कर कनेक्टिविटी बहाल की।

द्दाख को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (लेह-मनाली मार्ग) को प्रोजेक्ट हिमांक ने बड़े पैमाने पर बर्फ हटाने अभियान चलाकर सर्चू तक दोबारा खोल दिया है। यह उपलब्धि बेहद कठिन मौसम और दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों के बीच हासिल की गई।

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के तहत प्रोजेक्ट हिमांक की स्नो क्लीयरेंस टीम ने 753 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स की 111 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया। बर्फ हटाने का कार्य 16 मार्च 2026 से शुरू हुआ था, जिसे अब सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

अभियान के दौरान टीमों ने तंग्लांग ला, लाचुंग ला और नकी ला जैसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण दर्रों पर लगातार काम किया। इसके अलावा 22 खतरनाक मोड़ों वाले गाता लूप्स क्षेत्र में भी भारी बर्फ हटाने का कार्य किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान जवानों और मशीनरी को भारी बर्फबारी, शून्य से नीचे तापमान, हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और तेज बर्फीली हवाओं जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद बीआरओ की टीमों ने 24 घंटे काम कर राजमार्ग को समय पर यातायात के लिए तैयार किया। सड़क को कई हिस्सों में डबल-लेन मानकों के अनुसार चौड़ा भी किया गया है, जिससे यातायात, लॉजिस्टिक्स मूवमेंट और सेना के काफिलों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम होगी।

एनएच-03 के दोबारा खुलने से लद्दाख में पर्यटन, व्यापार और रणनीतिक कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रोजेक्ट दीपक द्वारा भी सड़क खोलने का कार्य समानांतर रूप से जारी है। बीआरओ ने कहा कि प्रोजेक्ट हिमांक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑल-वेदर कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहेगा।

Back to top button