Maamla Legal Hai Season 2 में दमदार किरदार के साथ लौट आया ‘विश्वास’

पिछले साल प्रदर्शित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बायोपिक फिल्म अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी में केंद्रीय भूमिका अभिनीत करने वाले अभिनेता अनंत जोशी को खूब सराहना मिली थी। अब वह आज से नेटफ्लिक्स पर प्रदर्शित हो रही वेब सीरीज मामला लीगल है के दूसरे सीजन में एक बार फिर विश्वास की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिसके बारे में उन्होंने बातचीत की।
‘पिछले सीजन में ही पिच हो गई थी तैयार’- अनंत जोशी
शो के पहले सीजन को जिस तरह प्यार मिला, उससे दूसरे सीजन को लेकर भी दर्शकों की उम्मीदें बढ़ी हैं। अनंत कहते हैं, “हमने पहले सीजन में पिच तैयार कर दी थी, इस बार हम सभी को खेलने का मौका मिला है। यह कोई सामाजिक कमेंट्री नहीं है, कोई व्यंग्य नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य बस दर्शकों को मनोरंजन करना है। हमें अपना बहुमूल्य समय दे रहे दर्शकों का पूरा पैसा वसूल होना चाहिए। जब लोगों की आपसे उम्मीदें बढ़ जाती हैं, तो काम करने का मजा दोगुना हो जाता है। मेरे पात्र विश्वास की सोच बड़ी साधारण है। उससे उम्मीदें बढ़ी तो वह दबाव अच्छा लगा।”
फिल्मकारों का मुझमें विश्वास जागा है-अनंत
फिल्म अजेय को मिली सराहना के बाद जीवन में आए बदलावों को लेकर अनंत कहते हैं, “बहुत ज्यादा बदलाव तो नहीं हुए, हां इतना है कि अब फिल्मकारों और दर्शकों का मुझमें एक विश्वास जगा दिखता है। एक भरोसा बना है कि यह मुश्किल भूमिकाएं भी निभा लेगा।”
योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया को लेकर अनंत हंसते हुए कहते हैं, ‘मेरी उतनी बड़ी पहुंच नहीं है। मुझे मेरे दर्शकों की ही प्रतिक्रिया मिलती है, अभी तक योगी जी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।”
अनंत बोले-इंडस्ट्री में चलते रहना है जरूरी
बतौर अभिनेता हिंदी सिनेमा में स्वयं को स्थापित कलाकारों की सूची का हिस्सा मानने को लेकर अनंत कहते हैं, “हमारी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खास बात यह है कि इसमें स्थापित होने जैसा कोई पैमाना नहीं है। हर प्रोजेक्ट आपके अलग पहलू को लोगों के सामने लाता है। कलाकार की आरजू (इच्छाएं) तो बढ़ती रहती हैं, इसलिए बतौर कलाकार कहीं स्थापित हो पाना मुश्किल होता है। हमारी इंडस्ट्री में स्थापित होने से ज्यादा महत्वपूर्ण है चलते रहना है। हां, जब कभी-कभी सामने से कोई आपके डायलॉग या किसी एक्शन से आपको किसी भूमिका की याद दिलाते हैं, तो महसूस होता है कि वो पात्र जरूर लोगों के मन में स्थापित हो गया है।”





