संस्कृत शिक्षा परिषद को मिलेगा अपना भवन, 25 साल का इंतजार खत्म, शासन ने जारी किए 42 करोड़

उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद व निदेशालय को 25 साल के लंबे इंतजार के बाद अपना नियमित ठिकाना मिलेगा। राजधानी में राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज के पीछे स्थित खाली जमीन पर परिषद व निदेशालय का संयुक्त चार मंजिला भवन का निर्माण होगा। शासन ने इसके लिए 42 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
प्रदेश में संस्कृत शिक्षा की पढ़ाई व प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी संस्कृत शिक्षा निदेशालय पास की ओर से की जाती है। जबकि परीक्षा व परिणाम परिषद की ओर से जारी किया जाता है। पूर्व में यह केजीएमयू के स्थित बिल्डिंग से इसका संचालन होता था। किंतु इसके जर्जर होने के बाद इसे सीटीई में शिफ्ट कर दिया गया था। वहां पर जगह कम पड़ रही थी।
इस क्रम में शासन ने संस्कृत शिक्षा निदेशालय व परिषद के लिए एक संयुक्त बिल्डिंग तैयार करने का निर्णय लिया था। इसके लिए आवश्यक औपचारिकता पूरी कर बजट भी जारी कर दिया गया है। अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यह बिल्डिंग नागर शैली में बनेगी। यहां पर प्रशासनिक केंद्र के साथ-साथ संस्कृत के शोध और विस्तार को भी गति मिलेगी।
पांडुलिपियां और प्राचीन ग्रंथ भी रखे जाएंगे
यहां पर लैंग्वेज लैब के साथ ही लाइब्रेरी, मीटिंग हॉल आदि की सुविधा होगी। यहां पर संस्कृत से जुड़ी पांडुलिपियां आदि प्राचीन ग्रंथ भी रखे जाएंगे। पूर्व में यह भवन सिटी स्टेशन के पास प्रस्तावित था लेकिन वहां से दूसरे चरण की मेट्रो जाने के प्रस्ताव को देखते हुए निशातगंज में इसके भवन निर्माण का निर्णय लिया गया था। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र की ओर से बजट जारी करने का शासनादेश जारी किया गया है।





