30 मार्च से गेंहू की होगी खरीद, सरकार ने प्रति क्विंटल की दर से बढ़ाई है MSP

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च (यानी कल) 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। योगी सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹160 बढ़ाकर ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है। प्रदेश भर में 6,500 क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीद की जाएगी। सरकार ने आगामी रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य 3.03 करोड़ टन निर्धारित किया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) के सचिव की अध्यक्षता में राज्य खाद्य सचिवों की बैठक में यह लक्ष्य तय किया गया। गेहूं की अधिकांश खरीद अप्रैल और जून के बीच की जाती है, जबकि अन्य फसलों की खरीद मार्च तक चलती है। वर्ष 2025-26 (रबी फसल) के लिए धान की खरीद चावल के रूप में 76 लाख टन अनुमानित है। इसके साथ ही राज्यों द्वारा ‘मिलेट्स’ (श्रीअन्न) सहित लगभग 7,79,000 टन मोटे अनाज की खरीद का भी अनुमान लगाया गया है।

कॉर्ड 3.34 करोड़ हेक्टेयर में बुवाई और अनुकूल मौसम की स्थिति के कारण गेहूं का उत्पादन पिछले साल के रिकॉर्ड 11.79 करोड़ टन को पार कर 12 करोड़ टन तक पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास एक अप्रैल, 2026 तक गेहूं का स्टॉक लगभग 1.82 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो घरेलू आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

उल्लेखनीय है कि भारत ने फरवरी में गेहूं और गेहूं उत्पादों के निर्यात पर लगा चार साल पुराना प्रतिबंध हटा दिया था। सरकार ने शुरुआती तौर पर 25 लाख टन गेहूं और पांच लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि किसान भाई अपना गेहूं साफ करके और नमी मुक्त (सुखाकर) क्रय केंद्रों पर बेच सकते हैं।

यूपी गेहूं खरीद 2026 की मुख्य बातें:

खरीद अवधि: 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): ₹2585 प्रति क्विंटल (पिछले वर्ष से ₹160 अधिक)।
अतिरिक्त प्रोत्साहन: उतराई, छनाई और सफाई के लिए ₹20 प्रति क्विंटल अलग से मिलेंगे।
क्रय केंद्र: सभी 75 जिलों में 6500+ केंद्र स्थापित किए गए हैं।
समय: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे (या सुबह 8 से रात 8 बजे तक, सूत्रों के अनुसार)।
भुगतान: 48 घंटों के भीतर आधार-लिंक्ड बैंक खाते में।

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