उत्तर कोरिया: किम जोंग उन ने बेटी के साथ देखा रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी बेटी के साथ रॉकेट लॉन्च सिस्टम के लाइव परीक्षण का निरीक्षण किया। यह परीक्षण अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास के जवाब में किया गया। दक्षिण कोरिया ने इसे उकसाने वाली कार्रवाई बताते हुए संयुक्त राष्ट्र नियमों का उल्लंघन कहा।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी बेटी के साथ मिलकर रॉकेट लॉन्च सिस्टम का परीक्षण देखा। सरकारी मीडिया ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। यह परीक्षण अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे सैन्य अभ्यास के जवाब में किया गया है। उत्तर कोरिया इस सैन्य अभ्यास को अपने देश पर हमले की तैयारी मानता है।
किम जोंग उन ने अभ्यास लिया जायजा
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, किम जोंग उन ने शनिवार को उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर इस अभ्यास का जायजा लिया। इस ड्रिल में 600 मिलीमीटर के अल्ट्रा-प्रिसिजन रॉकेट लॉन्चर शामिल थे। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि उन्होंने उत्तर कोरिया की राजधानी के पास से पूर्वी समुद्र की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें गिरती हुई देखीं। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसे उकसाने वाली कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन नियमों का उल्लंघन है, जो उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक गतिविधियों पर रोक लगाते हैं।
अभ्यास से दुश्मनों पैदा होगा डर
किम जोंग उन ने कहा कि इस अभ्यास से दुश्मनों के मन में डर पैदा होगा। उन्होंने बताया कि 420 किलोमीटर के दायरे में आने वाले दुश्मन अब परमाणु हथियारों की विनाशकारी ताकत को अच्छी तरह समझ पाएंगे। उनका इशारा दक्षिण कोरिया और वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों की तरफ था। किम ने चेतावनी दी कि अगर इन हथियारों का इस्तेमाल हुआ, तो दुश्मन का सैन्य ढांचा कभी बच नहीं पाएगा।
सरकारी मीडिया की तस्वीरों में किम अपनी बेटी किम जू ऐ के साथ नजर आए, जिनकी उम्र करीब 13 साल बताई जाती है। वे दोनों बड़े हरे रंग के लॉन्च ट्रकों के पास घूम रहे थे और हथियारों को चलते हुए देख रहे थे। यह लड़की साल 2022 के अंत से ही मिसाइल परीक्षणों और सैन्य परेडों जैसे बड़े कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिख रही है। जानकारों का मानना है कि किम जोंग उन उसे अपना उत्तराधिकारी बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का क्या है कहना?
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया के ये बड़े रॉकेट लॉन्चर मिसाइलों की तरह ही काम करते हैं। ये खुद की ताकत से चलते हैं और इन्हें रास्ते में नियंत्रित भी किया जा सकता है। उत्तर कोरिया का दावा है कि इनमें से कुछ सिस्टम परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम हैं। अमेरिका और दक्षिण कोरिया का ‘फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास 19 मार्च तक चलेगा। उत्तर कोरिया अक्सर ऐसे अभ्यासों के जवाब में हथियार परीक्षण करता है और सख्त बयान देता है।





