इंदौर: रेलवे सेफ्टी की टीम से मिलेगी हरी झंडी

इंदौर में मेट्रो ट्रेन का संचालन अब छह नहीं, 17 किलोमीटर तक होगा। कुछ हिस्सों का ट्रायल रन पूरा हो चुका है। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की एक टीम 11 स्टेशन व ट्रैक का दौरा कर चुकी हैं। अब अगले सप्ताह अंतिम निरीक्षण होगा। मेट्रो का संचालन गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक संभव हो सकेगा। पहले चरण के निरीक्षण में कोई खामी टीम को नहीं लगी।

जल्दी ही टीम वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उधर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन अब मेट्रो का किराया तय करने की तैयारी कर रही है, ताकि संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को उसके लिए आसानी हो। 17 किलोमीटर में आने वाले चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा स्टेशन, सुखलिया ग्राम स्टेशन, विजय नगर और रेडिसन चौराहा स्टेशन का काम भी अंतिम चरण में है। स्टेशनों का फिनिशिंग वर्क और रंगाई-पुताई का काम चल रहा है।

ये लोग भी आसानी से मेट्रो में सफर कर सकेंगे
फरवरी के अंत तक इन स्टेशनों का काम समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अप्रैल के पहले सप्ताह में संचालन संभव हो सके। रेडिसन चौराहे तक मेट्रो के चलने के बाद यात्रियों के लिए भी सुविधा होगी। सुपर कॉरिडोर की आईटी कंपनी व कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र विजय नगर व आसपास के हिस्सों में रहते हैं। वे आसानी से मेट्रो में सफर कर सकेंगे। फिलहाल मेट्रो छह किलोमीटर हिस्से में संचालित हो रही है, लेकिन वहां यात्री नहीं मिलते हैं।

अधिकतम किराया 80 रुपये तक
इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।

हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी। शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक किराया होगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रूट को पांच जोन में बांटा है।

मेट्रो ट्रेन का संचालन सुबह आठ बजे से शुरू होगा और रात आठ बजे तक चलेगी। फिलहाल मेट्रो का संचालन सात किलोमीटर हिस्से में हो रहा है। यहां मेट्रो का किराया अधिकतम 30 रुपये है। 17 किलोमीटर तक के संचालन में अधिकतम किराया 80 रुपये तक होगा।

20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई है, जिसे यात्री पकड़ कर सफर कर सकते हैं। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आंतरिक रूप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।

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