मधुबनी-दरभंगा के किसानों के लिए अच्छी खबर

बिहार में मधुबनी और दरभंगा के किसानों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, पश्चिमी कोसी नहर परियोजना का मूल उद्देश्य मधुबनी एवं दरभंगा जिले में सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित करवाना है। इस योजना अंतर्गत कोसी नदी में नेपाल राष्ट्र में भीमनगर में निर्मित बराज के दाएं भाग से पश्चिमी कोसी मुख्य नहर का निर्माण किया गया हैं। वहीं इससे विभिन्न वितरण प्रणाली का अवशेष निर्माण कार्य-सह-पुनर्स्थापन का कार्य करवाया जा रहा है।

योजना की मूल प्रशासनिक स्वीकृति वर्ष 1962 में 13.49 करोड़ रुपए के लिए प्रदान की गई थी। नेपाल राष्ट्र से नहर निर्माण के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर सहमति मिलने के पश्चात वर्ष 1971 से योजना का कार्य प्रारंभ हुआ। बीच के वर्षों में लंबी अवधि तक कतिपय कारणों से कार्य बंद रहा। वर्ष 1996-97 से वर्ष 2012-13 तक योजना का कार्यान्वयन AIBP से करवाया गया। भू-अर्जन मुआवजा भुगतान में आई जटिलता एवं अन्य कारणों से यह योजना अपने निर्धारित समय पर पूर्ण नहीं हो सकी।

वहीं वर्ष 2020 में योजना को नए सिरे से अवशेष कार्यों के साथ पुनर्स्थापन के प्रावधान के साथ 2372.528 करोड़ रुपए का पंचम पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति प्रदान कर योजना को पूर्ण करवाने का कार्य योजना में चौर क्षेत्र, जलजमाव क्षेत्र, नदी नाले एवं अन्य भूमि जो कृषि योग्य नहीं है, को छोड़कर कृषि योग्य कमांड क्षेत्र 203300 हेक्टेयर है, जिसमें दरभंगा जिला का कमांड क्षेत्र-15556 हे. एवं मधुबनी जिला का कमांड क्षेत्र 187744 हैं। 

दरभंगा जिले के दक्षिणी भाग के जल जमाव से मुक्त हो जाने पर योजना का कमांड क्षेत्र विस्तारीकरण किए जाने का प्रावधान है। योजना में उग्रनाथ शाखा नहर, विदेश्वर स्थान उप शाखा नहर एवं काकरघाटी शाखा नहर के विस्तारीकरण का प्रावधान है, जिसमें दरभंगा जिला के अतिरिक्त कृषि योग्य भूमि को भविष्य में योजना के कमांड क्षेत्र में शामिल किया जा सकेगा। विस्तारण के उपरांत लगभग 30,000 हैं. कमांड क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी।

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