दिल्ली: सीबीआई ने आरएमएल अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ व अन्य के खिलाफ दायर किया आरोप पत्र

सीबीआई ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ पर्वतगौड़ा चन्नप्पागौड़ा, बिचौलियों और सर्जिकल उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सर्जरी के लिए स्टेंट और अन्य सामान की सिफारिश करने में कथित रिश्वतखोरी के संबंध में ये आरोप पत्र दायर किया गया है। सहायक प्रोफेसर पर्वतागौड़ा के अलावा सीबीआई ने उपकरण आपूर्तिकर्ताओं नागपाल, टेक्नोलॉजीज के नरेश नागपाल, साइनमेड के अबरार अहमद, बायोट्रॉनिक्स के बिक्री प्रबंधक आकर्षण गुलाटी और उनकी सहयोगी मोनिका सिन्हा और अन्य का नाम लिया है।
आरएमएल अस्पताल में कथित रिश्वतखोरी गिरोह का भंडाफोड़ करने के 60 दिनों के भीतर यहां एक विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष दायर अपने आरोप पत्र में एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और रिश्वतखोरी से संबंधित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया। सीबीआई ने नौ मई को अस्पताल में कई स्तरों पर चल रहे गिरोह का भंडाफोड़ किया और पर्वतागौड़ा सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया।
सीबीआई ने कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर अजय राज, क्लर्क भुवल जयसवाल और संजय कुमार, अस्पताल के कैथ लैब प्रभारी रजनीश कुमार, बिचौलिए विकास कुमार और चिकित्सा उपकरण आपूर्तिकर्ताओं नागपाल टेक्नोलॉजीज के नरेश नागपाल, भारती मेडिकल टेक्नोलॉजीज के भरत सिंह दलाल को भी गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है और एजेंसी मामले में पूरक आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।





