यहां टॉयलेट के बाहर लगा टाइमर, बताएगा कितनी देर से बाथरूम में घुसे हैं लोग…

दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं, जहां सैकड़ों लोग सालभर घूमने जाते हैं. ज्यादा भीड़ होने की वजह से इन टूरिस्ट स्पॉट्स पर आवश्यक चीजों के इंतजाम भी किए जाते हैं. इनमें खाने-पीने की सुविधा से लेकर शौचलय तक की सुविधा का होना शामिल है. पर कई बार भीड़ ज्यादा होने की वजह से शौचालय का प्रयोग करने वालों को असुविधा होती है. इस असुविधा का हल चीन के एक टूरिस्ट स्पॉट पर निकाला गया है. यहां पर एक फेमस बौद्ध हेरिटेज है जिसे यूनेस्को से मान्यता प्राप्त है. यहां के टॉयलेट्स (Timers on toilets) में टाइमर लगा दिए गए हैं जो बताएगा कि अंदर घुसे लोग, कितनी देर से अंदर हैं. इसे हटाने की मांग होने लगी.

न्यूयॉर्क पोस्ट वेबसाइट के अनुसार चीन के शांग्ज़ी प्रांत में युगांग बुद्धिस्ट ग्रोटोइस (Yungang Buddhist Grottoes China) है. ये प्राचीन बौद्ध मंदिर है जहां 200 से ज्यादा गुफाएं हैं और बुद्ध की हजारों प्रतिमाएं हैं. यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है. यहां पर जो पब्लिक टॉयलेट्स बने हैं, उनके ऊपर टाइमर लगा दिया गया है. टाइमर (China tourist destination) बताता है कि दरवाजा कितनी देर से बंद है, यानी कोई व्यक्ति कितनी देर से बाथरूम के अंदर है. जो बाथरूम खाली होता है, उसे ऊपर लगे टाइमर पर खाली, लिखा होता है.

टॉयलेट के ऊपर लगा टाइमर
वहां के एक कर्मचारी ने नैनचैंग ईवनिंग न्यूज नाम के एक सरकारी अखबार से बात करते हुए कहा कि ये टाइमर इस वजह से लगाए गए हैं, जिससे वहां आने वाले पर्यटकों को सुविधा हो. कई बार पर्यटक जरूरत से ज्यादा वक्त बाथरूम में बिता देते हैं. कहीं अगर उन्हें बाथरूम के अंदर कुछ हो गया, या इमर्जेंसी की स्थिति खड़ी हो गई, तो उन्हें ऐसे मौके पर बचाया जा सकता है. ये टाइमर उन्हीं कि सुरक्षा के लिए लगाया गया है.

लोगों ने जताई आपत्ति
एक कर्मी ने बताया कि ये टाइमर बाथरूम इस्तेमाल करने के वक्त को नहीं तय करेंगे, किसी को जितना भी वक्त लेना हो, वो ले सकता है, ये सिर्फ दिखाएंगे कि दरवाजा कितनी देर से बंद है. ऐसे में बाहर मौजूद लोगों को निर्थक ही दरवाजा खटखटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कर्मियों ने कहा कि ऐसा नहीं है कि किसी को ज्यादा वक्त हो जाने पर बाथरूम से निकाल दिया जाएगा, न ही टाइमर से समय सीमा को तय किया जाएगा. हालांकि, कर्मियों के इतना समझाने के बाद भी इसे हटाने की मांग होने लगी. वहां आने वाले पर्यटकों का कहना है कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनकी निजता का हनन हो रहा है. वो इस बात से संतुष्ट नहीं हैं कि बाथरूम के अंदर बिताए उनके समय को रिकॉर्ड किया जाए. उनका कहना है कि ये काफी शर्मिंदगी भरी बात हो सकती है.

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