आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर में स्थिति को बेकाबू नहीं होना चाहिए था..

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा मणिपुर में स्थिति बहुत चिंताजनक है। हिंसा बंद होनी चाहिए। केंद्र सरकार को राज्य में हिंसा पर ध्यान देना चाहिए। ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर में स्थिति को बेकाबू नहीं होना चाहिए था।

 कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ दिन ही बाकी है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों का चुनावी मुकाबला तेज हो गया है। राज्य में आगामी 10 मई को मतदान होगा। पार्टियां जोरों-शोरों से चुनावी प्रचार-प्रसार कर रही हैं। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी भाजपा के प्रचार के लिए रविवार को कर्नाटक पहुंचे हैं।

आदित्य ठाकरे ने की मुख्यमंत्री शिंदे के कर्नाटक दौरे पर टिप्पणी

मुख्यमंत्री शिंदे के कर्नाटक दौरे पर ठाकरे गुट के विधायक और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने टिप्पणी की है। आदित्य ठाकरे ने रविवार को मणिपुर में जारी हिंसा पर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की। केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा पर निशाना साधते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार को चुनाव प्रचार के बजाय पूर्वोत्तर राज्य में स्थिति को नियंत्रण में लाने पर ध्यान देना चाहिए।

मणिपुर में स्थिति बहुत चिंताजनक : आदित्य ठाकरे

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए, आदित्य ठाकरे ने कहा, “मणिपुर में स्थिति बहुत चिंताजनक है। हिंसा बंद होनी चाहिए। केंद्र सरकार को राज्य में हिंसा पर ध्यान देना चाहिए।” ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि  में स्थिति को बेकाबू नहीं होना चाहिए था। लेकिन पूरा प्रशासन, चाहे वह केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, चुनाव प्रचार में लगा हुआ है।’

आदित्य ठाकरे ने मणिपुर सरकार से अपील करते हुए कहा की कि मणिपुर में फंसे मराठी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए और महाराष्ट्र वापस लाया जाए।

भारतीय सेना का बयान

इस बीच, भारतीय सेना के एक बयान में रविवार को कहा गया, ”भारतीय सेना और असम राइफल्स, जिन्हें मणिपुर में हिंसा को रोकने के लिए बुलाया गया था, ने अब तक लगभग 23,000 नागरिकों को सफलतापूर्वक बचाया है और उन्हें ऑपरेटिंग बेस में ले जाया गया है।

बयान के अनुसार, ”120-125 सेना और असम राइफल्स के कॉलम के प्रयासों के कारण आशा की किरण सामने आई है, जो सभी समुदायों में नागरिकों को बचाने, हिंसा पर अंकुश लगाने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पिछले 96 घंटों से अथक रूप से काम कर रहे हैं। बचाव अभियान शुरू होने के बाद से हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, जिसके परिणामस्वरूप कर्फ्यू के घंटों में ढील दी गई है। बता दें कि आज सुबह चुराचांदपुर में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक कर्फ्यू लगा।”

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