32 साल की उम्र में खत्म हुआ टीम इंडिया के इस धाकड़ खिलाड़ी का टेस्ट करियर, काबिलियत को नजरअंदाज करने लगे है सेलेक्टर्स


भारत में क्रिकेट को हमेशा से ही धर्म माना जाता है. यहां लोग क्रिकेट को एक त्योहार की तरह मनाते हैं. भारतीय टीम साल के शुरुआत से ही क्रिकेट खेल रही है, लेकिन एक प्लेयर के ऊपर सेलेक्टर्स बिल्कुल भी मेहरबान नहीं हो रहे हैं. ऐसे में इस प्लेयर के करियर के ऊपर पावरब्रेक लगते हुए दिखाई दे रहे हैं. सेलेक्टर्स इस खिलाड़ी की काबिलियत को नजरअंदाज करने लगे हैं. 

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इस प्लेयर को नहीं मिला मौका 

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में एक घातक गेंदबाज को मौका नहीं मिला है. कभी ये गेंदबाज मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह का साथी हुआ करता था. जी हां हम बात कर रहे हैं भुवनेश्वर कुमार की. भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) टीम इंडिया की टेस्ट टीम (Test Team) से पिछले तीन साल से बाहर चल रहे हैं. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2018 में खेला था. उन्होंने भारत के लिए अपना टेस्ट डेब्यू 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था. उन्होंने भारत के लिए 21 टेस्ट मैचों में 63 विकेट लिए हैं. अब उनकी टेस्ट मैचों में वापसी नामुमकिन नजर आ रही है. उनकी वापसी सभी रास्ते बंद हो गए हैं. उनकी जगह मोहम्मद सिराज और उमेश यादव शानदार प्रदर्शन का नजारा पेश कर रहे हैं. 

टेस्ट मैचों के लिए टीम में आए ये घातक गेंदबाज 

पिछले दो से तीन सालों में टीम इंडिया में कई घातक गेंदबाज शामिल हुए हैं, जिन्होंने सारी दुनिया में अपना डंका बजाया है. इन गेंदबाजों की वजह से ही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में जीत हासिल कर सकी. इनकी गेंदों को खेलना किसी के लिए भी आसान नहीं है. ऐसे में अब भुवनेश्वर कुमार को टीम में जगह बनाना बहुत ही मुश्किल हो गया है. वहीं, टीम इंडिया में जो भी गेंदबाज शामिल हुए हैं. उन्होंने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में बहुत ही शानदार गेंदबाजी नमूना पेश किया है. 

भारत को दिलाई थी चैंपियंस ट्रॉफी 

भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने अपने दम भारत को 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का दिलाई थी. उस समय उन्होंने खतरनाक गेंदबाजी का नजारा पेश किया था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी गेंदों की चमक फीकी पड़ने लगी और सेलेक्टर्स ने उन्हें मौका देना बंद कर दिया. वह साउथ अफ्रीका दौरे पर टीम के हार के कारणों में से एक थे. उनकी गेंदों में वह धार नजर नहीं आ रही थी, जिसके लिए वो जाने जाते हैं. वह विकेट झटकने के लिए तरस गए हैं. साउथ अफ्रीका में जहां जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) रन बचाने की कोशिश कर रहे थे. वहीं भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) खूब रन लुटा रहे थे. इसलिए अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया था. किसी समय वह भारतीय गेंदबाजी आक्रामण के अगुवा थे, लेकिन अपने खराब प्रदर्शन के कारण वह इस स्थिती में पहुंच गए हैं कि उन्हें टीम में जगह नहीं मिल रही है. 

टीम इंडिया को जिताए कई मैच 

किसी समय भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) भारतीय टीम के नंबर एक गेंदबाज थे. उनकी गेंदों से विपक्षी बल्लेबाज खौफ खाते थे, लेकिन धीरे-धीरे कहानी बदल गई और वह सेलेक्टर्स की निगाह में वह हाशिए पर चले गए. भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए तीनों ही फॉर्मेट में खेला है. उन्होंने भारत के लिए 21 टेस्ट मैचों में 63 विकेट, 121 वनडे मैचों में 141 विकेट और 55 टी20 मैचों में 53 विकेट चटकाए हैं. अब भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) के भारतीय टीम के बाहर होने की वजह से उनके करियर पर तलवार लटकती हुई दिखाई दे रही है. 

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