यूपी में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले को लेकर विधानभवन के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे शिक्षक अभ्यर्थी, पुलिस से झड़प

यूपी में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले को लेकर चल रहा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को तड़के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के आवास का घेराव करने और फिर शाम को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार को शिक्षक अभ्यर्थी विधान भवन के सामने पहुंच गए। जबकि मुख्यमंत्री ने पद सृजित कर उन्हें भर्ती का आश्वासन दिया था। बारिश और ठंड में अभ्यर्थी विधान भवन के सामने प्रदर्शन करने लगे। लखनऊ पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करती रही। इसे लेकर पुलिस और शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शन में मौजूद महिला और पुलिस अभ्यर्थियों को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने उन्हें अपनी बस में भरना शुरू किया, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों को ही ले जा पाई।
पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो धक्का मुक्की शुरू हो गई। अभ्यर्थी नारेबाजी करने लगे। बवाल की सूचना पर एसीपी हजरतगंज अखिलेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। रायल होटल चौराहे और विधानभवन के पास बैरीकेडिंग कर दी। इसके बाद अभ्यर्थी वहीं सड़क पर बैठ गए। सैकड़ों की तादाद मेंं हाथ में बैनर और तख्ती लेकर नारेबाजी करते रहे। अभ्यर्थी सरकार से 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में शेष पदों को तत्काल भरे जाने की मांग कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस तमाम जतन कर रही, मगर महिला अभ्यर्थी हटने को तैयार नहीं हैं। मौके पर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्कामुक्की जारी है। इसी दरम्यान जोरदाश बारिश भी शुरू हो गई। मगर अभ्यर्थी टस से मस न हुए। पुलिस ने अभ्यर्थियों को ईको गार्डेन भेजने के लिए कई बस मंगवाई। अभ्यर्थियों को बस में बैठाने का प्रयास किया तो फिर पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। दोपहर तक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन चलता रहा था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि अनारक्षित की कट आफ 67.11 के नीचे 27% आरक्षण दिया जाए। ओबीसी वर्ग को इस भर्ती में 18598 में से मात्र 2637 सीट मिली हैं। उनका कहना है कि ओबीसी वर्ग को इस भर्ती में 27% की जगह मात्र 3.86% ही आरक्षण मिला है। वहीं एससी वर्ग को 21% की जगह महज 16.6% ही आरक्षण मिला है। जो कि पूरी तरह गलत है। बीते करीब पांच महीने से अभ्यर्थी इको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।






