बाइडन ने जीत को बताया यह हमारी जीत नहीं अमेरिका की जीत है, कहा-देश को बाटूंगा नहीं, बल्कि जोडूंगा

वाशिगंटन। अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति चुने गए डेमोक्रेटिक पार्टी के जोसेफ आर बाइडन और उपराष्ट्रपति चुनी गईं भारतीय मूल की कमला हैरिस ने चुनावी नतीजों के बाद शनिवार रात देशवासियों को संबोधित किया। बाइडन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एक ऐसा राष्ट्रपति बनूंगा, जो बांटेगा नहीं बल्कि लोगों को एकजुट करेगा। कमला हैरिस ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों ने एक नए दिन की शुरुआत की है।

यह समय जख्मों को भरने का समय

बाइडन ने शनिवार रात जीत के बाद अपने भाषण में कहा, मैं ऐसा राष्ट्रपति बनने का संकल्प लेता हूं, जो बांटने नहीं, बल्कि एकजुट करने की कोशिश करेगा, जो डेमोक्रेटिक राज्यों और रिपब्लिकन राज्यों में फर्क नहीं करेगा, बल्कि पूरे अमेरिका को एक नजर से देखेगा। यह अमेरिका में जख्मों को भरने का समय है।

अब तक के सबसे ज्यादा वोट से जीते

जो बाइडन ने आगे कहा कि अमेरिका के लोग खुलकर सामने आए और उन्होंने हमें एक स्पष्ट जीत दिलाई। यह जीत हम लोगों के लिए है। हम अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपति पद के लिए मिले अब तक के सबसे अधिक वोटों से जीते हैं। बता दें कि बाइडन के लिए 7.4 करोड़ नागरिकों ने वोट किया। 

लाल व नीले राज्य में भेद नहीं

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ने कहा कि मैं एक ऐसा राष्ट्रपति बनने की प्रतिज्ञा करता हूं, जो विभाजित नहीं करना चाहता बल्कि एकजुट करना चाहता है। जिसे लाल राज्य और नीले राज्य में भेद नहीं है। वह केवल संयुक्त राज्य अमेरिका देखता है।

ट्रंप समर्थकों से यह कहा

बाइडन ने कहा कि आप सभी के लिए जिन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को वोट दिया, मैं आज रात आपकी निराशा को समझता हूं। अब हम एक दूसरे को मौका देते हैं। यह समय है, जब हमें अपनी कठोर बयानबाजी को दूर करना होगा। गुस्से को कम करना होगा। हम लोग एक-दूसरे को फिर से देखें। यह समय एक-दूसरे को सुनने का है।

हमें सभी का समर्थन मिला

बाइडन ने कहा कि मुझे गर्व है कि हमने दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र में विविधता देखी। हमें उसके बल पर जीत हासिल हुई। हम सबको साथ लाए। इसमें डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकंस, निर्दलीय, प्रोग्रेसिव, रूढ़िवादी, युवा, बुजुर्ग, ग्रामीण, शहरी, समलैंगिक, ट्रांसजेंडर, लैटिन, श्वेत, अश्वेत और एशियन शामिल रहें। हमें सभी का समर्थन हासिल हुआ।

हैरिस ने अपने संबोधन में यह कहा

उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनी गईं कमला हैरिस ने अमेरिकियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारे लोकतंत्र की रक्षा में संघर्ष होता है, बलिदान होता है लेकिन उसमें आनंद और प्रगति भी होती है। क्योंकि हमारे पास बेहतर भविष्य बनाने की शक्ति है।’ 

हैरिस ने कहा कि जब हमारा लोकतंत्र इस चुनाव में बैलेट पर था, जिसमें अमेरिका की आत्मा दांव पर थी और दुनिया देख रही थी, तो आपने (अमेरिकी नागरिक) अमेरिका के लिए एक नए दिन की शुरुआत की।

मां श्यामला गोपालन ने कल्पना नहीं की होगी

कमला हैरिस ने कहा कि मैं आज अपनी उपस्थिति के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार महिला की आभारी हूं, मेरी मां, श्यामला गोपालन हैरिस। जब वह 19 साल की उम्र में भारत से यहां आईं, तो शायद उन्होंने इस पल की कल्पना नहीं की थी, लेकिन वह अमेरिका में इतनी गहराई से विश्वास करती थीं, जहां इस तरह का पल संभव है।’  हैरिस ने कहा कि मैं उनके बारे में सोच रही हूं और महिलाओं, अश्वेत महिलाओं, एशियाई, श्वेत, लैटिन, मूल अमेरिकी महिलाओं के बारे में सोच रही हूं, जिन्होंने हमारे देश के इतिहास में आज रात के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।’ 

ट्रंप से 76 वोट ज्यादा मिले

बता दें कि शनिवार को अमेरिकी चुनाव के अंतिम परिणाम आ गए। जो बाइडन अमेरिका के अगले राष्ट्रपति चुने गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से बाइडन ने 290 इलेक्टोरल वोट हासिल किए वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 214 वोट मिले।  यानी ट्रंप से उन्हें 76 और बहुमत के लिए जरूरी 270 से 20 वोट ज्यादा मिले हैं। इसी के साथ ही तीन नवंबर को चुनाव के बाद शुरू हुई गहमागहमी समाप्त हो गई और अमेरिका के इस चुनावी नाटक का पटाक्षेप हो गया।  

कमला हैरिस ने भी रचा इतिहास

बता दें, भारतीय मूल की कमला हैरिस ने भी इस चुनाव में जीत के साथ इतिहास रच दिया है। वह पहली ऐसी महिला हैं जो अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होंगी। भारत के लिए भी गर्व की बात है कि भारतीय मूल की एक महिला अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पद संभालेंगी।

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